मध्य प्रदेश सरकार ने होली की छुट्टियों में किया बदलाव। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और सूतक के कारण अब 4 मार्च को खेला जाएगा रंग। जानें होलिका दहन और नई छुट्टियों का पूरा विवरण।
By: Star News
Mar 01, 20266:58 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश में इस साल होली का त्योहार खगोलीय और धार्मिक कारणों से बेहद खास और थोड़ा अलग होने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने 'खग्रास चंद्र ग्रहण' की स्थिति को देखते हुए छुट्टियों के कैलेंडर में बड़ा बदलाव किया है। अब राज्य में 3 और 4 मार्च 2026 दोनों दिन सार्वजनिक अवकाश रहेगा।
इस साल 3 मार्च को साल का पहला और सबसे लंबा 'खग्रास चंद्र ग्रहण' लगने जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान सूतक काल प्रभावी रहता है, जिसमें किसी भी प्रकार के शुभ कार्य, पूजा-पाठ या उत्सव मनाना वर्जित माना जाता है। इसी कारण विद्वानों और ज्योतिषियों की सलाह पर होली का मुख्य रंगोत्सव (धुलेंडी) 3 मार्च के बजाय 4 मार्च, बुधवार को मनाने का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार ने रविवार को एक नया अधिसूचना जारी करते हुए स्पष्ट किया कि 'निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881' के तहत अब 3 मार्च के साथ-साथ 4 मार्च को भी सामान्य अवकाश रहेगा। यह निर्णय इसलिए लिया गया ताकि जनता बिना किसी असुविधा के धार्मिक मर्यादाओं का पालन करते हुए रंगों का पर्व मना सके।
2 मार्च (सोमवार) की रात को पूरे प्रदेश में हजारों स्थानों पर पारंपरिक रूप से होलिका दहन किया जाएगा।
3 मार्च (मंगलवार) को चंद्र ग्रहण के कारण सूतक काल रहेगा, इस दिन कोई सार्वजनिक रंगोत्सव नहीं होगा।
4 मार्च (बुधवार) को पूरे मध्य प्रदेश में धूमधाम से रंगों की होली खेली जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के आदेश दिए गए हैं।
होलिका दहन और रंगोत्सव के दौरान प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहेगा।
अस्पताल और फायर ब्रिगेड को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों और हुड़दंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे खगोलीय स्थितियों का सम्मान करते हुए अनुशासन के साथ होली मनाएं। यह बदलाव न केवल धार्मिक आस्थाओं को सहेजने के लिए है, बल्कि ग्रहण के दौरान होने वाली असुविधा से बचने के लिए भी किया गया है।