नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण। जानें भारत के बढ़ते ट्रेड डेफिसिट, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के संघर्ष, सर्विस सेक्टर की मजबूती और चीन पर निर्भरता के जोखिमों के बारे में।

नीति आयोग रिपोर्ट
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
नीति आयोग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी–मार्च 2026 की तिमाही में भारत का कुल व्यापार 1.84 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया है, जिसमें 5.4% की विकास दर दर्ज की गई है। हालाँकि, यह वृद्धि एक तरफा है। देश का आयात (6.5%) निर्यात (4.2%) की तुलना में तेज़ी से बढ़ रहा है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि घरेलू उत्पादन वैश्विक बाजार की मांग को पूरा करने में पीछे है, जिससे भारत की बाहरी निर्भरता बनी हुई है।
मर्चेंडाइज (सामान) के मोर्चे पर स्थिति चुनौतीपूर्ण है, जहाँ एक्सपोर्ट में 2.8% की गिरावट देखी गई है। इसके विपरीत, आईटी और डिजिटल सेवाओं के दम पर सर्विस सेक्टर ने भारत की अर्थव्यवस्था को सहारा दिया है। सर्विस एक्सपोर्ट में 9% की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे 60.4 अरब डॉलर का सरप्लस प्राप्त हुआ है। इसी सरप्लस की बदौलत भारत का कुल व्यापार घाटा (23.15 अरब डॉलर) अभी भी नियंत्रण में बना हुआ है, लेकिन यह सुधार पूरी तरह से सर्विस सेक्टर पर टिका है, जो एक स्थायी समाधान नहीं है।
भारत अब अपने व्यापार को नए देशों में फैलाने की कोशिश कर रहा है। टॉप 10 देशों में एक्सपोर्ट शेयर घटकर 50% पर आ गया है, जो विविधीकरण का संकेत है। हालांकि, आयात के मामले में चीन और रूस पर निर्भरता अब भी एक बड़ा जोखिम है, खासकर मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्यूटिकल सेक्टर में। रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और व्हीकल्स में अच्छी बढ़त है, लेकिन जेम्स और जूलरी जैसे सेक्टर ग्लोबल डिमांड में कमी के चलते पिछड़ रहे हैं।
भारत दुनिया का 'जेनेरिक दवाओं का हब' है, लेकिन हाई-वैल्यू सेगमेंट जैसे बायोलॉजिक्स और एडवांस थेरेपी में भारत की हिस्सेदारी मात्र 0.6% है। फार्मा सेक्टर के लिए कच्चा माल (API) प्राप्त करने हेतु भारत की 65% निर्भरता चीन पर है। इसके अलावा, अनुसंधान और विकास (R&D) पर निवेश भी वैश्विक औसत (15–20%) के मुकाबले मात्र 7% है, जो भविष्य के लिए एक बड़ी बाधा है।
रिपोर्ट यह स्पष्ट संदेश देती है कि केवल एक्सपोर्ट की मात्रा बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए भारत को अब हाई-वैल्यू उत्पादों, आधुनिक तकनीक और R&D पर बड़ा दांव लगाने की आवश्यकता है। साथ ही, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और बदलती ट्रेड नीतियों के बीच आत्मनिर्भरता ही भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान कर सकती है।
नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण। जानें भारत के बढ़ते ट्रेड डेफिसिट, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के संघर्ष, सर्विस सेक्टर की मजबूती और चीन पर निर्भरता के जोखिमों के बारे में।
भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज लाल निशान पर हुई। देखते ही देखते गिरावट और तेज हो गई। सेंसेक्स फिसलता दिखा। निफ्टी का भी यही हाल है। वहीं ब्लॉक डील के चलते वेदांता के शेयर 6 फीसदी टूटे। एशियाई बाजारों में कमजोर रुझानों और विदेशी निधियों की नई निकासी के कारण भी शुरुआती कारोबार के दौरान शेयरों में सुस्ती दिखी।
पिछले हफ्ते के आखिरी दिन की सुस्ती के बाद, आज सुबह शेयर बाजार के निवेशकों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आई है। सेंसेक्स और निफ्टी ने जोरदार वापसी करते हुए हरे निशान में शानदार शुरुआत की है।बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्स 357 अंक उछलकर 77160 के लेवल पर खुला. वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 793 अंक चढ़कर 24106 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की।
रिलायंस जियो ने 27 करोड़ नए शेयरों के साथ अपने आईपीओ के लिए SEBI में ड्राफ्ट फाइल किया। जानिए जियो के भविष्य के AI प्लान और आईपीओ से जुड़ी हर जानकारी।
19 जून, 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट। सोना 1.45 लाख और चांदी 2.31 लाख के स्तर पर। जानें गिरावट की मुख्य वजह और ताजा अपडेट।
भारतीय शेयर बाजार में बीते 5 दिनों से चली आ रही रैली थम गई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। आज कारोबार के दौरान आईटी स्टॉक्स खासतौर पर दबाव में लुढ़कते दिखे। इससे कारोबारियों में निराशा छा गई। दरअसल, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद खराब रही।
रिलायंस जियो के IPO की चर्चा जोरों पर है। क्या जियो का IPO भारतीय बाजार का सबसे बड़ा इश्यू बनेगा? जानिए जियो के बिजनेस मॉडल, IPO फाइलिंग और निवेशकों के लिए इसके मायने।
भारतीय शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव का माहौल दिख रहा है। एचडीएफसी बैंक और एल एंडी जैसे शेयरों ने बाजार को सहारा दिया, जबकि रिलायंस और इन्फोसिस में कमजोरी देखने को मिली। अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.46 प्रतिशत हो गई और वहां के बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
सेबी ने निवेशकों को गैर-सूचीबद्ध शेयरों की ट्रेडिंग करने वाले अनधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से दूर रहने की चेतावनी दी है। जानें क्या हैं जोखिम और कैसे रखें अपना निवेश सुरक्षित।
ईरान और अमेरिका के बीच जंग रोकने को लेकर बनी सहमति के बाद शेयर बाजार लगातार हरे निशान पर दिख रहा है। आज भी उछाल दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी सपाट लेकिन हरे निशान पर खुले। शुरूआती कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे मजबूत हुआ।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह