पन्ना में रिकॉर्ड बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन जिला अस्पताल में जलभराव ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। वार्डों में पानी भरने से स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और ड्रेनेज सिस्टम की तैयारियों पर सवाल खड़े हुए।

हाइलाइट्स:
पन्ना, स्टार समाचार वेब
जिले में इस वर्ष मानसून ने जोरदार दस्तक दी है। लगातार हो रही बारिश से जहां किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और जल स्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। मंगलवार को जारी वर्षा के आंकड़ों के अनुसार जिले में इस बार अब तक पिछले वर्ष की तुलना में 8.98 इंच अधिक बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा अजयगढ़ में 66.4 मिमी रिकॉर्ड की गई, जबकि पूरे जिले में औसतन 45.1 मिमी (1.8 इंच) बारिश हुई। जिला प्रशासन के अनुसार 1 जून से अब तक जिले में कुल 174.0 मिमी (6.9 इंच) औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 52.67 इंच था। पन्ना जिले की सामान्य वार्षिक वर्षा 1176.4 मिमी निर्धारित है, जिसके मुकाबले अब तक लगभग 14.8 प्रतिशत वर्षा हो चुकी है। इधर, भारी बारिश के बाद जिला चिकित्सालय पन्ना की व्यवस्थाओं की पोल भी खुल गई। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड, डिलीवरी वार्ड और गैलरियों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वार्डों में जलभराव होने से मरीज अपने बेड तक सीमित हो गए। दवा लेने, इंजेक्शन लगवाने और शौचालय तक जाने में भी उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक डिलीवरी वार्ड में रही, जहां नवजात शिशुओं और प्रसूताओं के वार्ड के बाहर पानी भर जाने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया। मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। मरीज के परिजन ने बताया कि सर्जिकल वार्ड में गंभीर मरीज भर्ती हैं, लेकिन चारों ओर पानी भर जाने से डॉक्टरों, नर्सों और मरीजों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने की मांग की। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की पुरानी इमारत स्तर से लगभग पांच फीट नीचे होने के कारण हर वर्ष जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण कार्य के चलते ड्रेनेज लाइन बाधित हो गई है, जिससे पानी की निकासी प्रभावित हुई है। निर्माण एजेंसी को इस संबंध में पत्र भेजा गया है और पानी निकासी के लिए तत्काल सफाई कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जलभराव से किसी प्रकार की बीमारी फैलने की आशंका नहीं है तथा परिसर से पानी निकालने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। लगातार हो रही बारिश ने जहां जिले में जल संरक्षण की उम्मीदों को मजबूत किया है, वहीं जिला अस्पताल में जलभराव की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और ड्रेनेज सिस्टम पर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो हर बरसात में मरीजों को इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ेगी।
शहर के कई इलाकों में भरा पानी
शहर में बारिष से जहां लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं जनजीवन भी प्रभावित रहा। शहर के कई इलाकों में बारिष का पानी घुस जाने से लोग परेषान नजर आए। शहर के रानीगंज, बेनीसागर, आगरा मोहल्ला और धाम मोहल्ले में कई इलाकों में पानी भराव देखा गया। देर रात से शुरू हुई बारिष दोपहर तक जारी रही, जिससे लोगों को गर्मी से भी निजात मिली। वहीं पुराना पन्ना स्थित किलकिला नदी के वाटर फाल को देखने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और मौसम का लुफ्त उठाया।


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