रीवा नगर निगम क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने 1386 ईडब्ल्यूएस मकानों का सत्यापन हुआ। जांच में 197 मकान किराए पर, 366 पर ताला और कई में अवैध बदलाव पाए गए। पांच लोगों के नाम पर चार-चार मकान आवंटित होने का खुलासा। अब शोकॉज नोटिस जारी कर आवंटन निरस्त करने की तैयारी।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत एएचपी घटक द्वारा बनाए गए कुल 1386 आवासों को हितग्राहियों के नाम शासन की शर्तों के आधार पर आवंटित किया गया था। कई भवन ऐसे थे जिन्हें एक ही व्यक्ति ने अलग-अलग नामों से चार-चार भवन आवंटित कराए। इसकी शिकायत के बाद जब नगर निगम कमिश्नर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटित भवनों का सत्यापन कराया तो 197 भवन ऐसे पाए गए जिन्हें किराए पर दिया गया था जबकि 366 भवनों में ताला बंद पाया गया था।
ऐसी स्थिति में ननि कमिश्नर सौरभ सोनवणे ने सभी को शोकॉज जारी कर जवाब तलब किया है। माना यह जा रहा है कि ऐसे भवनों का आवंटन निरस्त कर राशि राजसात की जाएगी। गौरतलब है कि शहर में प्रधानमंत्री आवास योजना के एएचपी घटक अंतर्गत बनाए गए ईडब्ल्यूएस भवनों में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई थी। शासन द्वारा जो मापदण्ड आवास आवंटन को लेकर बनाए गए थे उनके विपरीत पूर्व के सहायक यंत्रियों ने रेवड़ी की तरह भवनों का आवंटन किया है। यहां पर यह बता दें कि जिन्हें भवन आवंटन की पात्रता थी उनको दरकिनार कर ऐसे लोगों को आवंटन दिया गया था जिनके पास पहले से ही खुद के मकान बनाए गए थे। नगर निगम कमिश्नर ने ईडब्ल्यूएस भवनों के सर्वेक्षण का जिम्मा सहायक यंत्री राजेश चतुर्वेदी की टीम को दिया गया था जिसके बाद मंगलवार को टीम द्वारा जो प्रतिवेदन दिया गया है उसमें कुल 1386 आवासों में से 366 ऐसे भवन पाए गए जिन पर ताला बंद था जबकि 197 भवनों को किराए पर दिया जाना बताया गया। जबकि 85 भवनों में दुकान खोलना, स्ट्रक्चर में बदलाव करना एवं उक्त मकान में अपने रिश्तेदारों को रखना पाया गया।
आवंटन होगा निरस्त
नगर निगम कमिश्नर सौरभ सोरवणे द्वारा कराए गए सत्यापन के बाद जो जानकारी सामने आई है उसमें उन्होंने संबंधित हितग्राहियों को शोकॉज नोटिस जारी करने के आदेश जारी किए हैं। बताया गया है कि उनका पक्ष मांगा गया है। इसके बाद कार्रवाई की जएगी। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि जिन भवनों को किराए में दिया गया था या जिनमें ताला बंद पाया गया उनका आवंटन निरस्त होगा एवं उनके द्वारा जमा की गई भी राजसात की जाएगी।
कहां कितने बनाए गए ईडब्ल्यूएस भवन
प्रधानमंत्री आवास के एएचपी घटक अंतर्गत जो भवन बनाए गए थे उनमें गोल क्वार्टर साइड में 504 भवन, सुंदर नगर में 392 भवन, ललपा में 140 भवन, एसएएफ साइट में 240 भवन, कृष्णा नगर में 84 भवनों का निर्माण किया गया है। खास बात यह है कि इन सभी साइटों में सर्वाधिक ऐसे भवन सत्यापन के दौरान पाए गए हैं जिन्हें किराए के रूप में दिया गया है। खास बात यह है कि पांच ऐसे लोग भी चिन्हित किए गए हैं जिनके द्वारा अलग-अलग नाम से चार-चार भवन आवंटित कराए गए हैं।
एएचपी घटक के ईडब्ल्यूएस भवनों का सर्वेक्षण कराया गया। जिनमें यह पाया गया है कि कुछ भवन किराए से दिए गए हैं, कुछ में हितग्राही रह रहे हैं एवं कुछ भवनों में ताला बंद पाया गया तथा कुछ भवन ऐसे हैं जिनके स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया है। ऐसे हितग्राहियों को शोकॉज जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब संतुष्ट न पाए जाने पर आवंटन निरस्त किया जाएगा।
- डॉ. सौरभ सोनवणे, आयुक्त नगर निगम


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