सतना जिला अस्पताल के लेबर रूम में अजगर का बच्चा मिलने से अफरा-तफरी मच गई। घटना ने अस्पताल की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल के लेबर रूम में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात घटी एक घटना ने सिर्फ कुछ मिनटों के लिए अफरा-तफरी नहीं मचाई, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र की संवेदनशीलता और सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। रात करीब 1 बजे, जब कुछ ही दूरी पर नवजीवन दुनिया में कदम रख रहा था, उसी जगह एक अजगर का बच्चा रेंगता हुआ नजर आया। यह दृश्य किसी फिल्मी सीन जैसा लग सकता है, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा असहज करने वाली है। लेबर रूम में टेबलों के बीच सांप दिखते ही प्रसूताओं, उनके परिजनों और नर्सिंग स्टाफ में घबराहट फैल गई। कुछ पलों के लिए वहां दहसत का माहौल देखा गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने तत्परता दिखाई और सभी मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। सफाई कर्मचारियों को सूचना दी गई, जिन्होंने मशक्कत के बाद अजगर के बच्चे को पकड़कर बाहर निकाल दिया। राहत की बात यह रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
ड्रेनेज सिस्टम खराब
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, लेबर रूम से सटे वॉशरूम की खिड़की के बाहर लंबे समय से झाड़ियां और कचरा जमा है। आशंका है कि वही रास्ता इस घटना का कारण बना। यानी खतरा बाहर से नहीं आया, उसे पनपने का मौका भीतर ही मिला। कुछ जानकारों ने बताया कि जिला अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम भी काफी पुराना हो गया जिसे साफ करने की आवश्यकता है। चिकित्सक आवास कालोनियों में भी नालियां चोक हैं। पूरा गन्दा पानी अस्पताल के पीछे ही जाम हो जाता है जिससे अन्य जीवों के घुसने की आशंका बढ़ जाती है।
वन विभाग को नहीं दी सूचना
जहां हर पल नई जिंदगी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, वहां बुनियादी साफ-सफाई और निगरानी की अनदेखी इस घटना को दुर्घटना में बदल सकती थी। सवाल यह भी है कि अगर यह अजगर का बच्चा नहीं, बल्कि कोई जहरीला सांप होता, तो क्या हालात संभाले जा सकते थे? घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो इस लापरवाही की खामोश गवाही देता है। नियमत: प्रबंधन को वन विभाग को भी सूचना देनी चाहिए, जो उस सांप का रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अस्पताल के सफाई कर्मी द्वारा सांप पकड़ा गया और परिसर के बाहर छोड़ दिया गया। ऐसे में यह लापरवाही भरा कदम माना गया है।
रात में लेबर रूम में अजगर के बच्चे घुसने की सूचना मिली थी। तत्काल मदद के लिए सफाई कर्मी को बुलाया गया जिसने सांप पकड़कर बाहर छोड़ दिया। अस्पताल का ड्रेनेज सिस्टम खराब है और काफी पुराना है। जगह-जगह से वह चोक भी हो गया है जिसके चलते ये जानवर यहां आ जाते हैं। वहीं लेबर रूम के पीछे भी कचरा फैला हुआ है जिसे सफाई कर्मी द्वारा साफ नहीं किया गया।
डॉ. धीरेन्द्र वर्मा, सहायक प्रबंधक, जिला अस्पताल सतना


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