रीवा संभाग में गेहूं उपार्जन की रफ्तार धीमी है, 32 दिन बाद भी केवल 25 प्रतिशत खरीदी हो सकी। किसानों को अव्यवस्था, तौल देरी, बारदाना कमी और भुगतान विलंब जैसी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
रीवा संभाग में गेहूं उपार्जन की गति अभी भी उम्मीद से काफी धीमी बनी हुई है। कुल 6,92,511.58 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले महज 1,73,155.76 मीट्रिक टन ही खरीदी हो सकी है। यानी करीब 75 प्रतिशत अनाज अब भी खरीदी से बाहर है। यह स्थिति खरीदी शुरू होने के 32 दिन बाद है।
खाद्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, संभाग में खरीदी की औसत प्रगति करीब 25 प्रतिशत के आसपास ही है। बड़े जिलों में कुछ हद तक रफ्तार दिख रही है लेकिन छोटे और नए जिलों में व्यवस्था कमजोर नजर आ रही है। सबसे अधिक खरीदी सतना जिले में दर्ज की गई है। यहां 3,25,156.04 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 77,544.36 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। हालांकि यह आंकड़ा अन्य जिलों से बेहतर है लेकिन यहां भी 2,47,611.68 मीट्रिक टन अनाज अभी शेष है। इसी तरह रीवा जिले में 1,83,012.94 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले 52,441.37 मीट्रिक टन खरीदी हो सकी है। यहां 1,30,571.57 मीट्रिक टन अनाज अभी भी किसानों के पास या केंद्रों तक पहुंचने का इंतजार कर रहा है।
सीधी में कमजोर, सिंगरौली में धीमी प्रगति
सीधी जिले की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर है। यहां 38,062.57 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले केवल 7,161.19 मीट्रिक टन ही खरीदी हो पाई है। यानी 30,901.37 मीट्रिक टन अनाज अब भी शेष है। सिंगरौली जिले में खरीदी की रफ्तार सबसे धीमी नजर आ रही है। 24,249.04 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले महज 6,520 मीट्रिक टन ही खरीदी हो सकी है, जबकि 17,729.04 मीट्रिक टन शेष है।
दोनों नए जिलों की स्थिति पुअर
नए जिलों की स्थिति तो और भी पुअर है। मैहर जिले में 95,550.54 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 25,187.13 मीट्रिक टन खरीदी हुई है, जबकि 70,363.41 मीट्रिक टन शेष है। यह दशार्ता है कि यहां खरीदी की गति मध्यम स्तर पर है लेकिन लक्ष्य से काफी पीछे है। नए जिले मऊगंज की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। यहां 26,480.45 मीट्रिक टन लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 4,301.71 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है और 22,178.74 मीट्रिक टन अब भी बाकी है।
क्या हैं कारण
खरीदी की धीमी रफ्तार के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। उपार्जन केंद्रों पर अव्यवस्था, तौल में देरी, बारदाने की कमी, परिवहन की धीमी गति और भुगतान में विलंब जैसी समस्याएं किसानों को केंद्रों तक आने से रोक रही हैं। कई जगहों पर किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे वे निजी व्यापारियों को अनाज बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
प्रशासन के लिए चुनौती
आंकड़ों से साफ है कि संभाग में अभी 5.19 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीदी बाकी है। यदि खरीदी की गति नहीं बढ़ाई गई, तो निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो सकता है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती खरीदी केंद्रों की क्षमता बढ़ाना, तौल और उठाव (लिफ्टिंग) प्रक्रिया को तेज करना और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।

रीवा में नीट यूजी परीक्षा के दौरान सख्ती इतनी रही कि छात्राओं को फुलिया उतरवाने के लिए सुनार बुलाना पड़ा। जूते, गहने और कई वस्तुएं बाहर रखवाकर ही परीक्षार्थियों को प्रवेश दिया गया।
विंध्य विकास प्राधिकरण में नियुक्तियों के बाद भाजपा में खुशी के साथ असंतोष भी दिखा। समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित मान रहे हैं, जबकि बिना कार्यालय और बजट के विकास कार्यों पर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, हादसे में महिला की मौत और पति घायल हुआ। आक्रोशित परिजनों ने सड़क जाम किया, प्रशासन ने मुआवजा और सहायता का आश्वासन दिया।
सीधी जिले में एनएच-39 पर युवक को वाहन ने टक्कर मारकर फिर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने हत्या जैसे आरोप लगाए हैं, जबकि चालक बिना लाइसेंस बताया जा रहा, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सतना जिले में नरवाई जलाने के मामलों पर सैटेलाइट मॉनिटरिंग से कार्रवाई हुई। आठ किसानों को नोटिस और छह को कोर्ट में पेशी के निर्देश दिए गए, फिर भी प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना जिले में मातृ मृत्यु के मामले बढ़कर 37 पहुंचे, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को दर्शाते हैं। एनीमिया, हाई बीपी और समय पर इलाज न मिलने से अधिकतर मौतें हुईं, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक बनी।
सतना जिले में ट्रेन और सड़क हादसों में तेंदुओं की मौत से वन्यजीव सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। मैहर में तेंदुए की मौजूदगी से दहशत, जबकि अवैध शिकार मामले में चार आरोपी गिरफ्तार किए गए।
जौनपुर जंक्शन पर यार्ड रिमॉडलिंग के चलते 4 से 27 मई तक 13 ट्रेनों के मार्ग बदले गए हैं। गोंदिया-बरौनी और ताप्ती गंगा एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी, यात्रियों को परेशानी होगी।
सतना जिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड में पुरुषों की भीड़ से प्रसूताओं की निजता और सुरक्षा खतरे में है। अव्यवस्था, गेट पास बंद और अटेंडरों की अनियंत्रित संख्या से संक्रमण और विवाद की आशंका बढ़ी।
मध्यप्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक नामांकन 87.2 प्रतिशत रहा, लक्ष्य से 12.8 प्रतिशत कम। नर्मदापुरम पहले, रीवा दूसरे स्थान पर रहा, जबकि इंदौर संभाग का प्रदर्शन सबसे कमजोर पाया गया।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह