रीवा और मऊगंज जिले के पाँच निजी स्कूलों की मान्यता इस शैक्षणिक सत्र में समाप्त कर दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार इन स्कूलों में न तो पर्याप्त शिक्षक थे और न ही नियमों के अनुरूप 30 हजार की एफडी जमा की गई थी। कलेक्टर के पास अपील का मौका देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते अब इन स्कूलों के छात्र अन्य संस्थानों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर हैं।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
निजी स्कूलों का संचालन अब सब के बस की बात नहीं रह गई है। नियमों की पाबंदी और सख्ती ने पांच स्कूलों पर ताला लगाने के लिए मजबूर कर दिया। रीवा और मऊगंज की पांच स्कूलों ने रिन्युअल की शर्तों को पूरा नहीं किया। इसके कारण इनकी मान्यता ही समाप्त कर दी गई है। अब इन स्कूलों के बच्चों को कहीं और प्रवेश लेना पड़ेगा।
ज्ञात हो कि निजी स्कूलों की रीवा और मऊगंज में बाढ़ सी आ गई है। दो कमरों में ही स्कूल खोल दिए जा रहे हैं। इन स्कूल संचालकों के पास न तो पर्याप्त संसाधन होते हैं और न ही शिक्षक होते हैं। फिर भी स्कूलों की मान्यता लेकर बच्चों का एडिशन शुरू कर देते हैं। कम समय में स्कूल से अधिक पैसा कमाने की सोच रखने वाले संचालक इस दौड़ में पिछड़ते जा रहे हैं। नतीजा अब सब के सामने हैं। धीरे धीरे ऐसी स्कूलों में ताला लग रहा है। स्कूल संचालक स्कूल शिक्षा विभाग के नियमों का पालन और गाइड लाइन की पूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। पर्याप्त श्क्षिक और छात्र भी स्कूलों मं नहीं बचे हैं। इसके कारण यह स्कूलें दौड़ से ही बाहर होती जा रही है। इस शैक्षणिक सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग ने ऐसी पांच स्कूलों की मान्यता निरस्त कर दी है।
इन स्कूलों की मान्यता हुई निरस्त
जिला शिक्षा केन्द्र रीवा से मिली जानकारी के अनुसार रीवा जिला से एसएस पब्लि स्कूल छत्रपति नगर, मल्टी परपस गर्ल्स हाई स्कूल रायपुर कर्चुलियान, न्यू सैनिक स्कूल सेमरिया, सिरमौर, मदर्स ब्लेसिंग पब्लिक स्कूल मड़ैचा जवा शामिल हैं। इसके अलावा एक स्कूल मऊगंज से सन राइज वैली स्कूल की मान्यता निरस्त कर दी गई है।
इन खामियों के कारण निरस्त की गई मान्यता
जिन पांच स्कूलों की मान्यता निरस्त की गई है। उन्होंने रिन्युअल के साथ 30 हजार रुपए की एफडी ही नहीं जमा की थी। इसके अलावा इनके पास स्कूल में विषयमान शिक्षक भी नहीं थे। शिक्षकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित नहीं कर पाए थे। इसके कारण इनकी मान्यता निरस्त कर दी गई थी। मान्यता आनलाइन निरस्त करने के बाद स्कूल संचालकों को कलेक्टर के पास अपील का अवसर दिया गया। कलेक्टर के पास भी अपील नहीं की। इसके कारण इनकी मान्यता को अंतत: निरस्त कर दी गई। एक स्कूल मऊगंज की और है जिसकी मान्यता निरस्त की गई थी। हालांकि स्कूल संचालक ने कलेक्टर के पास अपील कर दी है।


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