रीवा में सरकारी कार्यालयों में लेटलतीफी का मामला सामने आया है। तहसील और कलेक्ट्रेट में सुबह 10:45 बजे तक कई अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। फरियादी इंतजार करते रहे जबकि कई कमरों में ताले लटके रहे।
By: Yogesh Patel
Mar 07, 20264:43 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
हम तो भई जैसे हैं, वैसे ही चलेंगे..यह लाइन रीवा के अफसरों पर फिट बैठती है। सरकार ने 5 दिन वर्किंग कर दी, लेकिन इसमें भी लेटलतीफी हावी है। 5 दिन में समय पर कार्यालय पहुंच कर कोई काम नहीं करता। शुकवार को जब स्टार समाचार की टीम ने तहसील आफिस और कलेक्ट्रेट पहुंची तो नजारा हैरान करने वाला रहा। सुबह 10.45 बजे तक भी अधिकारी आफिस नहीं पहुंचे थे। कर्मचारी भी गायब थे। कई कक्ष में ताला लटक रहा था। रीवा के अफसर बेलगाम हो गए हैं। ड्यूटी समय पर नहीं आते। इनकी लेटलतीफी का फायदा कर्मचारी भी उठाते हैं। सुबह 10 बजे ड्यूटी पर पहुंचने का समय है लेकिन सुबह 11 बजे से पहले कोई भी नहीं पहुंचता। यहां फरियादी पहले आ जाते हैं और अधिकारी बाद में पहुंचते हैं। तहसीलदार, एसडीएम कार्यालय और कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को सुबह 10.45 बजे तक कई अधिकारियों और कर्मचारियों की कुर्सी खाली रही। यह वही अधिकारी है, जो दूसरों को नियम का पाठ पढ़ाते हैं।
तहसीलदार का चेम्बर तक नहीं खुला
सुबह 10.30 बजे तहसील कार्यालय के हाल देखने लायक रहा। तहसीलदार का चेम्बर तक नहीं खुला था। ताला लगा हुआ था। कक्ष के बाहर तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला का नेम प्लेट लगा हुआ था। वहीं कोर्ट में सिर्फ एक कर्मचारी ही बैठा हुआ था। यहां भी तहसीलदार की कुर्सी खाली ही थी। यह सिर्फ शुक्रवार की स्थिति नहीं है। हर दिन तहसीलदार कार्यालय के यही हालात रहते हैं।
बनकुइयां नायब तहसीलदार भी गायब
सुबह 10.30 बजे नए तहसील भवन में भर्रेशाही का आलम यहीं पर खत्म नहीं हुआ। नायब तहसीलदार बनकुइयां श्रीमती विंध्या मिश्रा का भी चेम्बर खाली और बंद था। नायब तहसीलदार भी कार्यालय में समय पर नहीं पहुंची थी। उनके पास ही रीडर का चेम्बर भी था। चेम्बर का ताला तक नहीं खुला था।
सामाजिक न्याय विभाग की कुर्सियां खाली
सिर्फ तहसीलदार आफिस में ही कर्मचारियों, अधिकारियों के लेट आने का सिलसिला नहीं चल रहा। कलेक्ट्रेट में संचालित कार्यालयों की भी यही हालत है। सामाजिक न्याय विभाग में सुबह 10.40 बजे भी सभी कुर्सियां नहीं भरी थी। कर्मचारी नदारद थे। अधिकांश कुर्सियां खाली थी। विभागीय अधिकारी तक समय पर नहीं पहुंचे थे।
तहसीलदार के रीडर की कुर्सी भी खाली
तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला के चेम्बर के पास ही रीडर का भी कक्ष था। यहां सिर्फ कम्प्यूटर आपरेटर बैठा हुआ मिला। सुबह 10.30 बजे भी रीडर अनुपस्थित रहे। तहसीलदार का खास कर्मचारी मुकुटमणि शर्मा भी ड्यूटी समय पर नहीं पहुंचता। वह भी सुबह नदारद ही रहा।