सतना-मैहर जिले में सरकार की महत्वाकांक्षी सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल परियोजना 4 साल बाद भी अधूरी है। नए भवनों का वादा पूरा नहीं हो सका, बस सुविधा सीमित है और छात्र अब भी पुराने जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर हैं। शिक्षा विभाग की सुस्ती से पालक और छात्र निराश हैं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सरकार व शिक्षा विभाग के महत्वाकांक्षी सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल परियोजना में चयनित पिछले 4 सालों में एक भी शासकीय स्कूल अभी तक पूरी तरह हाईटेक नहीं हो पाई है। पिछले सत्र में गुजरते-गुजरते प्रथम चरण की सतना-मैहर जिले की 9 सांदीपनि स्कूल के बच्चों को नि:शुल्क बस परिवहन की सुविधा तो मिली लेकिन नई बिल्डिंग का इंतजार छात्रों को खल रहा है । पुराने भवनों में स्कूल संचालित होने से न तो छात्रों के प्रवेश ज्यादा हो पा रहे हैं और न ही बैठक व्यवस्था व कक्षाओं का संचालन ठीक से हो पाता है। शिक्षको का स्टॉफ भी पर्याप्त नहीं है। उल्लेखनीय है कि सांदीपनि स्कूलों में निजी स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं विकसित करने का प्लान लगभग सत्र 2022-23 में बनाया गया था, लेकिन अधिकारियों व ठेकेदारों की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य सुस्त चल रहे हैं। कई जगह तो जमीन फाइनल होने में ही मामला अटका हुआ है। वहीं दूसरे चरण की 11 संदीपनि स्कूलों में न तो बस सुविधा अभी तक चालू हो सकी और न ही नए भवनों के निर्माण की फाइल बनी है।
5 जगह बिल्डिंग का काम तो 4 जगह निर्माण भी शुरू नहीं
सतना-मैहर जिले में प्रथम चरण में 9 सांदीपनि स्कूल चयनित किए गए थे जिसमें सतना जिला मुख्यालय में बगहा हायर सेकेंडरी स्कूल तो बाकी विकासखंड स्तर में एक-एक विद्यालय का चयन किया गया था। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 5 सांदीपनि स्कूलों में नए भवन बनाने का काम तो चल रहा है लेकिन 4 विद्यालयों में नए भवन की नींव की ईट भी नहीं रख पाई है। जहां कार्य चल रहा है वहां कुछ स्कूलों का निर्माण कार्य कछुआ गति से होना बताया जाता है। जानकारों के अनुसार उचेहरा, रामपुर बाघेलान एवं मझगवां सांदीपनि स्कूल में जमीन चिन्हित होने व ड्राइंग के मामले में अभी तक पेंच फंसी हुई थी। वहीं सबसे बुरी स्थिति रामनगर की है। बताया जाता है कि यहां सांदीपनि स्कूल की नई बिल्डिंग बनाने के लिए अभी तक जमीन चिंहित करने में ही मामला फसा हुआ है। 35 से 40 करोड़ की लागत से सांदीपनि स्कूलों के नए भवन बनाए जा रहा रहे हैं।
परेशान हैं छात्र व पालक
पिछले सत्र में 11 और सांदीपनि स्कूलों का चयन किया गया लेकिन अभी तक यहां बस सुविधा को लेकर विभाग में कोई हलचल नहीं है। परिवहन की सुविधा की वजह से दूर-दराज से भी विद्यार्थियों ने विद्यालय में प्रवेश ले लिया था। अभी तक बस सुविधा न मिलने से सबसे अधिक समस्यां दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियो को आ रही है अब ऐसे विद्यार्थियों को निजी स्तर पर सार्वजनिक परिवहन और वेन का सहारा लेकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है इसके लिए हर माह अच्छी राशि देनी पड़ रही है। दूसरे चरण में शा. हाईस्कूल ललितपुर कोतर, शा. उमावि बेला, शा. बालक उमावि जैतवार, शा. बालक उमावि बिरसिंहपुर, शा. उमावि सिंहपुर, शा. उमावि शिवराजपुर, शा. उमावि कोटर, शा. हाईस्कूल रामनगर, शा. कन्या उमावि धवारी, शा. हाईस्कूल कोठी, शा. उमावि नकैला को सांदीपनि स्कूल के लिए चयनित किया था।
शिक्षा मंत्री आज सतना में, बच्चों व अभिभावकों को उम्मीदें
प्र्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह आज सतना के प्रवास पर रहेंगे। ऐसे में बच्चों, अभिभावकों व शिक्षकों को शिक्षा मंत्री से काफ ी उम्मीदें स्कूल शिक्षा में सुुधार व बदलाव की दिख रही हैं। निर्धारित कार्यक्रमानुसार मंत्री श्री सिंह 7 सितंबर को प्रात: 6 बजे शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्यंकट क्र.1 के खेल मैदान में आयोजित सतना हाफ मैराथन 2025 के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। मंत्री श्री सिंह प्रात: 10 बजे मैराथन के विजेताओं को पुरस्कार वितरण करेंगे तदुपरांत मंत्री श्री सिंह प्रात: 11.30 बजे सड़क मार्ग से लोलरी के प्रस्थान करेंगे।
ये नहीं हो रहा
ये सुविधाएं हो विकसित
पीएमश्री स्कूल नाम बदला, नहीं बदले हालात
इधर केन्द्र सरकार की प्राथमिकता में शामिल पीएम श्री स्कूल भी जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं। सरकारी स्कूलों का नाम बदला है लेकिन हालात नहीं बदले। सतना स्मार्ट सिटी के बीचों-बीच स्थित शासकीय व्यंकट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक -2 को पिछले 2 साल से पीएम श्री स्कूल योजना में शामिल किया गया है। बताया जाता है कि पिछले साल कई बार कमरों का प्लास्टर गिरने की घटना सामने आई थीं, कुछ कमरों में पानी टपकता है जिससे कक्षाओं का संचालन प्रभावित होता है। उल्लेखनीय है कि सतना-मैहर जिले में 24 पीएम श्री स्कूल हैं। कई स्कूलों में यहीं हाल हैं।
ई-अटेंडेंस, एप के प्रति शिक्षकों में कैसे भरोसा पैदा करेगी सरकार
शिक्षा विभाग ने ई-अटेंडेंस प्रणाली को लागू किया है लेकिन इसे लेकर शिक्षकों में काफी आक्रोश है। आऐ दिन शिक्षक संगठनों द्वारा धरना प्रदर्शन कर ई-अटेंडेंस को लेकर किया जाता है। एप पर शिक्षकों को भरोसा नहीं है। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सरकार व विभाग ई-अटेंडेंस के एप पर भरोसा जगा पाएगी।
सतना-मैहर जिले में प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों की स्थिति


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