सतना में आग से झुलसे मरीजों को बिना एसी वाली 108 एंबुलेंस से रेफर किए जाने के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। एंबुलेंसों के रखरखाव और मॉनिटरिंग की कमी भी सामने आई है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
जिले में संचालित 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आग से झुलसे एक मरीज को अस्पताल ले जाने के दौरान जब परिजनों ने एंबुलेंस चालक से एसी चालू करने का आग्रह किया तो उन्हें जवाब मिला कि वाहन में एसी की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है। इस घटना के बाद जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आने लगी हैं। मामला सोमवार की शाम का है जब दो लोगों को एक ही एम्बुलेंस में रेफर किया गया जिसकी हालत पहले से ही खराब थी। कोलगवां थाना अंतर्गत डिलौरा निवासी भूपेंद्र सिंह एवं शिवम सिंह दोनों को अलग अलग समय पर आगजनी की घटना के बाद जिला अस्पताल लाया गया था, जिन्हे प्राथमिक उपचार के बाद एमर्जेन्सी के डॉक्टरों द्वारा रीवा के लिए रेफर किया गया था। बताया गया कि एम्बुलेंस की सुविधा तत्काल न मिलने पर एक ही वाहन से ले जाने की सलाह दी गई थी। जानकारों के अनुसार आग से झुलसे मरीजों को प्राथमिक उपचार के साथ-साथ नियंत्रित तापमान और पर्याप्त वेंटिलेशन की आवश्यकता होती है। ऐसे में एंबुलेंस में एसी जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव मरीज की परेशानी को और बढ़ा सकता है। परिजनों का आरोप है कि जिस वाहन से मरीज को ले जाया जा रहा था, उसकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी।
मानीटरिंग न होने से बिगड़ रही व्यवस्था
जिले में यह कोई पहला मौका नहीं है जब 108 एम्बुलेंस के ऐसे हालात मिले हों। इसका सबसे बड़ा कारण है इन एम्बुलेंस की मॉनिटरिंग न होना। ठेके पर दी गई जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज की 108 एम्बुलेंस सेवा के हाल बेहाल हैं। नाम न छापने की शर्त पर एम्बुलेंस के ड्राइवर ने बताया कि कई गाड़ियों की सालों से सर्विसिंग तक नहीं कराई गई है। एम्बुलेस गाड़ियों में लगा सपोर्ट सिस्टम तक खराब पड़ा है, जिसे ध्यान देने वाला कोई नहीं है। ड्राइवरों ने बताया कि नियमन गाड़ी की सर्विसिंग 22 हजार किमी. चलने के बाद की जानी चाहिए, लेकिन इस व्यवस्था पर कोई जिम्मेदार ध्यान देने वाला नहीं हैै।
बिगड़ी आपातकालीन सेवाएं
सूत्रों के मुताबिक जिले में वर्तमान में लगभग 40 एंबुलेंस संचालित हैं, लेकिन इनमें से 12 से अधिक वाहन आॅफ रोड बताए जा रहे हैं। कई एंबुलेंस लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव के अभाव में खड़ी हैं। आरोप है कि कुछ वाहनों का समय पर मेंटेनेंस नहीं होने के कारण उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर सीधा असर पड़ रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए जीवनरक्षक व्यवस्था है। दुर्घटना, प्रसूति, हृदयाघात, आगजनी और अन्य आपात स्थितियों में मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी इसी सेवा पर निर्भर रहती है। ऐसे में यदि बड़ी संख्या में वाहन खराब पड़े हों या उनमें आवश्यक सुविधाओं का अभाव हो, तो मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
अनिवार्य हैं ये एक्यूपमेंट्स
सूत्रों ने बताया कि एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस में एसी, वेंटिलेटर, ईसीजी मशीन, पल्स आॅक्सीमीटर नेबुलाइजर, आॅटोलोडर स्ट्रेचर, स्कूप स्ट्रैचर, स्पाइनबोर्ड, सेक्शन आॅपरेटर, बीपी आॅपरेटर, मल्टीपैरा मॉनिटर, डीफीब्रिलेटर, किडनी ट्रे और थमार्मीटर के साथ अन्य जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराने के निर्देश हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश उपकरण वाहनों लगे ही नहीं, जो लगे भी हैं वो चलते ही नहीं।

रीवा एयरपोर्ट से संचालित इंडिगो एयरलाइन ने छह महीनों में 16 हजार से अधिक यात्रियों को सेवा दी है। 181 प्रतिशत ग्रोथ के साथ कंपनी ने अलायंस एयर को पीछे छोड़ते हुए क्षेत्रीय हवाई यात्रा में मजबूत पकड़ बनाई है।
रीवा के प्रसिद्ध क्योटी जलप्रपात के पास बाइक सहित खाई में गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। डीआरसी और एसडीआरएफ टीम ने घंटों रेस्क्यू अभियान चलाकर शव बाहर निकाले। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से हिंडाल्को कर्मी सीताराम पाल की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे-39 पर चक्काजाम कर मुआवजे और कार्रवाई की मांग की।
सतना के अमौधा क्षेत्र में सूने मकान का ताला तोड़कर चोरों ने लगभग 15 लाख रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना के दौरान पकड़ा गया एक संदिग्ध भी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।
रामपुर बाघेलान स्थित प्रिज्म जॉनसन सीमेंट फैक्ट्री में एसी कम्प्रेसर में विस्फोट होने से एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सतना में आग से झुलसे मरीजों को बिना एसी वाली 108 एंबुलेंस से रेफर किए जाने के बाद आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। एंबुलेंसों के रखरखाव और मॉनिटरिंग की कमी भी सामने आई है।
ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान सतना और मैहर में स्कूल बंद हैं, फिर भी नामांकन का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। विभागीय आंकड़ों ने उपलब्धि के साथ नामांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता और वास्तविकता पर बहस छेड़ दी है।
सतना में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधूरी सड़कों, जलनिकासी, पेयजल और नागरिक सुविधाओं पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए और समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने सतना मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी मिलने का निर्णय होगा।
सतना जिला अस्पताल में यातायात और अतिक्रमण सुधार के लिए प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। एंबुलेंस पार्किंग, वाहन जांच और अनावश्यक हूटर पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

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