सतना में पुराने बस स्टैंड बंद करने के विरोध में बस ऑपरेटरों का धरना, यात्री परेशान, प्रशासन सख्त।
By: Yogesh Patel
Jan 28, 20264:07 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
पुराने बस स्टैण्ड से बसों का संचालन पूरी तरह से बंद किए जाने और नए बस स्टैण्ड से सभी बसों के पूर्णत: संचालन को लेकर प्रशासन और बस ऑपरेटरों के बीच की रार थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासन जहां नए बस स्टैण्ड में शिफ्टिंग को लेकर सख्ती पर उतर आया है तो वहीं बस ऑपरेटरों ने भी प्रशासन पर वायदा खिलाफी का आरोप लगाते हुए मंगलवार को पुराने बस स्टैण्ड से नागौद - पन्ना, कोठी, बिरसिंपुर मार्ग की बसों का संचालन बंद कर धरना दिया। बस ऑपरेटरों की इस हड़ताल के समर्थन में स्थानीय व्यापारी भी आ गए और उन्होने अपनी दुकानें बंद कर दी।
स्थानीय दुकानदार भी साथ आए
बीते कई दिनों से पुराने बस स्टैंड को नव-निर्मित आईएसबीटी में पूरी तरह से शिफ्ट किए जाने को लेकर विरोध और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सतना जिला बस ऑनर्स एसोसिएशन सहित सभी बस ऑपरेटरों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए बस स्टैंड को नए स्थान पर स्थानांतरित किया जा रहा है, जबकि वहां अभी तक यात्रियों और बस संचालन से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं, बस ऑपरेटरों का कहना है कि नवीन बस स्टैंड से कई रूटों पर बसों का समयबद्ध संचालन संभव नहीं है। वहीं, पुराने बस स्टैंड के दुकानदारों ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए चेतावनी दी है कि बस स्टैंड पूरी तरह शिफ्ट होने से उनका व्यापार चौपट हो जाएगा और हमारे सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित होगी, हड़ताल के चलते शहर से गांव और अन्य क्षेत्रों में जाने वाले यात्री कई घंटों परेशान हो रहे है, यात्रियों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर बस ऑपरेटरों से संवाद करना चाहिए, हड़ताल के चलते शहर से गांव और अन्य क्षेत्रों में जाने वाले यात्री कई घंटों परेशान हो रहे है। यात्रियों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर बस ऑपरेटरों से संवाद करना चाहिए। बताया जाता है कि बस आपरेटरों का धरना रात्रि में भी जारी रहा।
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जब-जब शासन डरता है पुलिस को आगे करता है
बस ऑपरेटरों की हड़ताल के दौरान बस स्टैंड में रामधुन के साथ ही प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। बस ऑपरेटरों ने इस दौरान कहा कि जब-जब शासन-प्रशासन किसी धरना प्रदर्शन से डरता है तो वह पुलिस को आगे कर देता है। बस ऑपरेटरों का यह भी कहना था कि सतना ऐसा पहला जिला है जहां एयरपोर्ट शहर के अंदर और बस स्टैंड शहर के बाहर है।
इलाज के लिए सतना आया था लेकिन अब फुलवारी (देवेन्द्र नगर) जाने के लिए बस नहीं मिल रही है। प्रशासन को बस आॅपरेटरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि यात्रियों को हड़ताल की वजह से परेशानी न हो।
जगदेव प्रसाद शर्मा
बदखर से पढ़ने आती हूं, बस स्टैंड अगर पूरी तरह से मैहर बाईपास में शिफ्ट हो गया तो हम जैसे छात्र-छात्राओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। समूचा बस स्टैंड स्थानान्तरित न हो।
अलका
रामपुर से कोठी जाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों के साथ आई थी, लेकिन अब कोठी के लिए स्टैंड से बस ही नहीं मिल रही। अब इन बच्चों के साथ कोठी जा पाऊंगी या नहीं, लगभग दो घंटे से परेशान हूं।
सावित्री कोरी
बिरसिंंहपुर से सुंदरा (देवेन्द्र नगर) जाने के लिए सतना आई हूं, बस स्टैंड आकर पता चला कि बस ऑपरेटरों ने हड़ताल कर रखी है, कोई भी बस नहीं आ-जा रही है।
दुलारी
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आज फिर होगी बातचीत
बस ऑपरेटर और प्रशासन के बीच हल निकालने की चल रही कवायद के बीच बुधवार को एक बार फिर बस ऑपरेटरों की कलेक्टर के साथ बैठक होगी। बताया जा रहा है कि मंगलवार को विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान कोई निर्णय नहीं हो सका। इस दौरान कई बस ऑपरेटर मौजूद रहे।
अर्न्तराज्यीय बस स्टैंड की कल्पना की गई थी, लेकिन उस कल्पना के हिसाब से काम नहीं हो रहा। प्रशासन को एक बस व्यवसाय के साथ-साथ जनहित को भी देखना था। जिस तरह से सेमरिया चौराहे से बस स्टैंड को मैहर बाईपास में शिफ्ट किए जाने की जल्दबाजी दिखाई जा रही है उससे साफ है कि यातायात विभाग अपना फेलियर बसों के ऊपर डालना चाह रहा है। नगर निगम ने भी कहीं पर पिकअप प्वांइट नहीं बनाए हैं। कुल मिलाकर प्रशासन मनमानी तरह से बस स्टैंड शिफ्ट कराना चाह रहा है।
सिद्धार्थ कुशवाहा, विधायक सतना
प्रशासन तानाशाही पर उतरा है, किसी भी समस्या का समाधान बात करने से निकलता है न कि बल प्रयोग से, व्यापारी को चोर नहीं है कि उसे यहां से वहां हटाया जाए। परिवहन व्यवसायी व दुकानदार मजबूर होकर धरने पर बैठे हैं।
सतीश सुखेजा, बस व्यवसायी एवं चेम्बर अध्यक्ष
पुराने बस स्टैण्ड में बसों का प्रवेश होगा प्रतिबंधित
पुराने बस स्टैण्ड को पूरी तरह से बंद किए जाने के विरोध में बस आॅपरेटरों के सड़क पर आ जाने के बाद जिला प्रशासन भी सख्ती पर उतर आया है। हर हाल में पुराने बस स्टैण्ड से बसों का संचालन बंद कराकर नए बस स्टैण्ड से सभी रूटों के बसों का संचालन कराने की कवायद में जुटे जिला प्रशासन, ट्रैफिक, आरटीओ और नगर निगम की टीम भी मैदान पर उतर आई है। मंगलवार को एसडीएम राहुल सिलाड़िया, नगर निगम उपायुक्त सत्यम मिश्रा, ट्रैफिक डीएसपी संजय खरे, आरटीओ संजय श्रीवास्तव,यातायात प्रभारी पंकज शुक्ला द्वारा बस स्टैण्ड व अन्य स्थानों का निरीक्षण कर कैसे नए बस स्टैण्ड से बसों की संचालन हो इसकी संभावना तलाशी। बताया जाता है कि इस दौरान तय किया गया कि पुराने बस स्टैण्ड में बसों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके लिए फ्लाई ओवर के दोनो ओर नीचे की तरफ जाने वाले रास्ते में पोल लगाया जाएगा।
ऑपरेटरों ने यात्रियों को उपलब्ध कराया भोजन
बस ऑपरेटरों के साथ ही बस स्टैंड के छोटे-बड़े दुकानदार भी हड़ताल पर हैं, दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने बस स्टैंड के नाम से व्यवसाय करने के लिए दुकानें ली थीं। पूरा का पूरा बस स्टैंड शिफ्ट हो जाने के बाद यहां पर लोगों का आना- जाना बंद हो जाएगा। ऐसे में दुकान में एक भी ग्राहक नहीं आएंगे। व्यवसाय चौपट हो जाएगा। बसों का परिवहन बंद होने और दुकानों का शटर गिरने के कारण दुरस्थ स्थानों पर जाने वाले यात्री खासे परेशान रहे। गंतव्य तक जाने के लिए न तो बसें थीं और न ही भोजन- पानी के लिए एक भी दुकान खुली नहीं थी। यात्रियों की परेशानी देख बस ऑपरेटर आगे आए। बस ऑपरेटरों के द्वारा अपने स्तर से पूड़ी-सब्जी का इंतजाम कर यात्रियों को उपलब्ध कराया।
नियम विरुद्ध तरीके से शिफ्ट किया जा रहा
बस ऑनर्स एसोसिएशन का कहना है कि नियम विरुद्ध तरीके से बस स्टैंड को नवीन बस स्टैंड में शिफ्ट किया जा रहा है, जहां पर किसी भी तरीके की सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है, नवीन बस स्टैंड से कई मार्गों पर जाने वाली बसेंअपने निर्धारित समय पर नही पहुंच पाएंगे और न ही आ पाएंगी, मोटर व्हीकल एक्ट की शर्तों का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में नियम विरुद्ध तरीके से वाहन संचालित होंगे। बस ऑपरेटर का कहना है कि जिला प्रशासन ने बैठक के दौरान इन सारे नियमों की पूर्ति का आश्वासन देकर टीम गठित की थी और उन्हें आदेश दिए थे कि इन सब नियमों की पूर्ति जल्द से जल्द की जाएगी, किंतु उस टीम ने आज तक निर्देशों का पालन नहीं किया।