सतना के वार्ड क्रमांक 16 कृपालपुर में प्रस्तावित सीएनजी गैस प्लांट को शहर से बाहर स्थापित करने की तैयारी है। जांच में नियमों के उल्लंघन, रिहायशी बस्ती, आंगनवाड़ी और नदी के नजदीक होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थापना निरस्त करने की अनुशंसा की है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
शहर के वार्ड क्र. 16 कृपालपुर में स्थापित होने जा रहा सीएनजी गैस प्लांट को शहर से बाहर किया जाएगा। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधीक्षण यंत्री को एक पत्र लिखा है। जिसमें उन्होंने विभागीय स्तर पर की गई जांच का हवाला देते हुए कहा है कि बीपीसीएल द्वारा निर्माणाधीन सीएनजी गैस प्लांट नियमों के विपरीत है और इसके निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों ने की थी शिकायत
स्थानीय लोगों के साथ ब्रिगेडियर डा. देवेन्द्र सिंह, वार्ड के पूर्व पार्षद शैलेन्द्र दाहिया ने नियम विरुद्ध तरीके से बस्ती के करीब निर्माण किए जा रहे सीएनजी गैस प्लांट का विरोध किया था और इसकी शिकायत सांसद गणेश सिंह से की थी। जिस पर सांसद गणेश सिंह ने पूरे मामले से केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली भारत सरकार पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से की गई थी। इन तमाम शिकायतों को देखते हुए मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधीक्षण यंत्री ने तमाम शिकायतों की जांच बिंदुवार कराने के निर्देश क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को दिए थे जिस पर क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी ने उपयंत्री से पूरे मामले की जांच करवाई थी।
नियमों के दायरे में नहीं सीएनजी प्लांट
उपयंत्री द्वारा दी गई अपनी जांच रिपोर्ट के आधार पर क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी सुधांशु तिवारी ने सीएनजी गैस प्लांट को पर्यावरण की दृष्टि से उपयुक्त नहीं माना है और बोर्ड द्वारा उद्योगों को पूर्व में प्रदत्त स्थापना सम्मति पत्र को निरस्त करने एवं उद्योग को अन्यत्र रिहायशी बस्ती, प्राकृतिक जल स्त्रोत एवं शासकीय -अशासकीय भवनों से दूर पर्यावरणीय दृष्टि से उपयुक्त स्थान पर स्थापित किए जाने की अनुशंसा मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधीक्षण यंत्री एमके मंडराई को पत्र लिखकर की है।
200 मीटर के दायरे में आंगनवाड़ी, 300 मीटर की दूरी पर नदी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की उपयंत्री प्राची पांडेय द्वारा मौके पर किए गए निरीक्षण के बाद दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि निरीक्षण के समय तो संस्थान बंद पाया गया लेकिन सीएनजी प्लांट रहवासी बस्ती व आंगनवाड़ी केन्द्र के नजदीक लगभग 200 मीटर के दायरे में है तथा लगभग 300 मीटर की दूरी पर नदी है। इतना ही नहीं निर्माणाधीन सीएनजी प्लांट का संस्थान सतना- रीवा मार्ग से लगा हुआ है। संस्थान रहवासी बस्ती, सड़क व नदी से नियमानुसार कम से कम 500 मीटर की दूरी पर निर्मित होना चाहिए लेकिन संस्थान नियम के परिधि में नहीं आता। लिहाजा संस्थान की स्थापना निरस्त कर संस्थान को पर्यावरण की दृष्टि से उचित स्थान पर स्थापित किया जाना चाहिए।

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