सतना जिले के नागौद तहसील के द्वारी खुर्द गांव में सड़क नहीं होने के कारण एक महिला को इलाज नहीं मिल पाया और उसकी मौत हो गई। परिजन चारपाई पर मरीज को अस्पताल ले जा रहे थे। घटना राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र की है, जिससे प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं।

नागौद तहसील के द्वारी खुर्द में सामने आई शर्मनाक तस्वीर, सिस्टम पर उठे सवाल
सतना, स्टार समाचार वेब
एक तरफ इंसान जहां चांद पर पहुंच रहा है, सरकार लोगों को हवाई सुविधाएं मुहैया करा रही है। देश की आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है तो दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी गांव हैं जो आजादी के 78 साल बाद भी सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मोहताज हैं। गांव में सड़कें न होने से लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा लिहाजा उनकी मौत हो रही है, बावजूद इसके समूचा सिस्टम फीलगुड की स्थिति में है। ऐसे ही फीलगुड का एक नजारा जिले के नागौद तहसील के द्वारी गांव में सामने आया जहां सड़क न होने की वजह से एक महिला मरीज को समय से इलाज नहीं मिल पाया और उसने दम तोड़ दिया। बताया जाता है कि लगभग 500 मीटर कच्चा रास्ता होने की वजह से घर तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाने की वजह से परिजन महिला को ‘चारपाई’ पर लेकर कच्चे रास्ते से अस्पताल जा रहे थे, जहां रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। महिला की मौत ने समूचे सिस्टम को कटघरे पर खड़ा कर दिया है। प्रदेश के पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता कमलेश्वर पटेल ने इस मामले में ट्विट कर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। पूरे मामले में सबसे शर्मनाक पहलू तो यह है कि यह घटना जिस क्षेत्र में हुई है वह क्षेत्र प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है।
प्रशासन का दावा, कैंसर पीड़ित थी मृतका
एम्बुलेंस न मिलने से चारपाई पर इलाज के लिए अस्पताल जिस महिला (कल्ली पति भूरा) को परिजन ले जा रहे थे उसकी मौत के बाद नींद से जागे प्रशासन ने पूरे मामले पर पर्दा डालने का प्रयास शुरू कर दिया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा बताया जा रहा है कि 59 वर्षीय कल्ली के हार्ड में वाल्व खराब था उसे ओवरियन कैंसर था, इसका इलाज पहले से चल रहा था। एक दिन पहले ही परिजन नागपुर से लाए थे। यहां सवाल यह उठता है कि मृतका कल्ली को कौन सी बीमारी थी यह एक डाक्टर बताएगा या फिर प्रशासन।
पर्दा डालने पर उतरा प्रशासन
द्वारी खुर्द की शर्मनाक घटना के बाद बैकफुट पर आए स्थानीय प्रशासन ने अब पूरे मामले पर पर्दा डालने या लीपा-पोती की कवायद शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि कुल सात घरों की इस बस्ती में लगभग 70 लोग रहते हैं। प्रशासनिक दावे के मुताबिक अंत्येष्ठी के लिए मृतका के परिजनों को 5000 रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा नागौद एसडीएम जीतेन्द्र वर्मा एवं जनपद सीईओ ने मौके का निरीक्षण भी किया। बताया तो यहां तक जाता है कि एसडीएम ने पीडब्ल्यूडी के एसडीओ से सड़क से संबंधित जांच रिपोर्ट तलब की है। स्थानीय प्रशासन के दावे में बताया गया है कि मुख्य मार्ग से लगभग एक किमी दूर द्वारी खुर्द के लिए कच्चा मार्ग पूर्व में प्रचलन में है, बरसात के कारण गडढे हो गए हैं जिसको तत्कालिक रूप से मुरुम द्वारा भरवा दिया गया है। प्रशासन के इस दावे के बाद बड़ा सवाल यह उठता है कि द्वारी खुर्द का वह मुख्य मार्ग कौन सा है जिसे छोड़कर लोग कच्चे रास्ते से मरीज को अस्पताल ले जा रहे थे।
महिला की मौत का जिम्मेदार कौन?
नागौद तहसील की द्वारी खुर्द में सड़क न होेने की वजह से एक महिला की मौत ने समूचे सिस्टम को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस मौत के लिए कौन जिम्मेदार है? प्रशासनिक तंत्र या जनप्रतिनिधि, दोनों की जिम्मेदारी बराबर की है, सबसे छोटी इकाई की बात करें तो ग्राम पंचायत में सरपंच होता है जिसकी जवाबदारी गांव के समग्र विकास की होती है, उसके बाद प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने वाला सचिव जिस पर विकास का ब्लू प्रिंट तैयार करने की जिम्मेदारी होती है। इन सबके आगे निकले तो एसडीएम और विधायक की भी अपनी एक महती जिम्मेदारी है और यह जिम्मेदारी तब और बढ जाती है जब विधायक प्रदेश के मंत्रिमंडल में मंत्री हों।
घटना दुर्भाग्यपूर्ण : प्रतिमा
द्वारी खुर्द की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि मृतक के परिजनों के साथ मेरी पूरी संवेदनाएं हैं, उन्होंने कहा कि लोगों ने अहरी में घर बना रखा था जिस वजह से उन्हें आवागमन के लिए कच्चे रास्ते का उपयोग करना पड़ा। ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए सीईओ को निर्देशित किया गया है कि जितने भी कच्चे रास्ते हैं सभी को मोटरेवल कर चलने लायक बनाया जाए।
सड़क न होने के लिए जिम्मेदार कौन : कल्पना
द्वारी की घटना को लेकर रैगांव विधानसभा क्षेत्र की पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने प्रदेश सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कों के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं बावजूद इसके चाहे सीधी हो या रैगांव, सड़कों की हालत कैसी है इन दो घटनाओं से समझी जा सकती है। उन्होंने राज्य सरकार पर असंवेदनशील होने का आरोप लगाते हुए कहा कि रैगांव की मंत्री होने के बावजूद क्षेत्र में सड़क न होेना दुर्भाग्यपूर्ण है, पूर्व विधायक ने सवाल किया कि सड़क न होने के लिए कौन जिम्मेदार है?
पूर्व मंत्री ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया
द्वारी गांव में महिला की मौत को लेकर प्रदेश के पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा है कि भाजपा सरकार की नाकामी और लापरवाही ने एक और महिला की जान ले ली। उन्होंने कहा कि सड़क न होने के कारण गांव तक एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाई जिससे मरीज की रास्ते में मौत हो गई। पूर्व मंत्री ने कहा कि क्या हमारी सरकार इतनी असंवेदनशील हो चुकी है कि अब प्रदेशवासियों की मौत से भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में विकास नहीं सिर्फ विनाश हो रहा है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
रामनगर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस खत्म होने से मरीजों को सतना तक 70 किमी जाना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हो रही है।
सतना के उचेहरा में मजदूरी मांगने पर अधेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले शराब पिलाई गई और फिर पीट-पीटकर घायल किया गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई।
रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।