सतना जिले में एफएमडी टीकाकरण अभियान सुस्त पड़ा है। 3.84 लाख लक्ष्य के मुकाबले केवल 66 फीसदी टीकाकरण हुआ, शेष आठ दिनों में प्रतिदिन 16 हजार से अधिक टीके लगाना बड़ी चुनौती बन गया है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनएडीसीपी) के तहत चल रहे एफएमडी टीकाकरण अभियान जिले में सुस्ती का शिकार हो गया है। हालात ये हैं कि बार-बार निर्देश और समीक्षा के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी लक्ष्य तक पहुंचने में नाकाम रहे। एफएमडी टीकाकरण के लिए जिले में 3 लाख 84 हजार का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें अभी तक 2 लाख 53 हजार 741 टीका ही लग पाए हैं। जो कि लक्ष्य से 34 फीसदी कम है। सवाल ये है कि विभाग को लक्ष्य पूरा करने के लिए शेष बचे आठ दिनों में हर दिन 16 हजार 283 टीका लगाने होंगे। इस लिहाज से बचे दिनों में 4.3 फीसदी हर दिन का लक्ष्य चुनौती होगा।
66 फीसदी ही टीकाकरण
एफएमडी टीकाकरण की ऑनलाइन फीडिंग 31 मार्च तक पूरी करनी है। 18 मार्च तक की स्थिति देखें तो जिले में महज लगभग 66 प्रतिशत ही टीकाकरण हो पाया है, जबकि 1 लाख 30 हजार से ज्यादा टीकाकरण अब भी बाकी है। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब रोजाना तय लक्ष्य के हिसाब से काम करना ही होगा। बहानेबाजी या ढिलाई अब नहीं चलेगी। विभाग को पहले ही कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर नतीजे निराशाजनक रहे हैं।
अन्यथा रोक देंगे वेतनवृद्धि
इस पर कलेक्टर ने सख्त तेवर दिखाए हैं। 31 मार्च तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा न होने पर नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विकासखंड डिजीज कंट्रोल यूनिट प्रभारी की दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक देने के लिए कहा है। इतना ही नहीं, उनकी गोपनीय चरित्रावली में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कर दी जाएगी।


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