सतना में एफआरके पर रोक के बावजूद सीएमआर लेने से इनकार का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, राइस मिलर्स को नुकसान, केंद्र-राज्य निर्देशों में विरोधाभास, कोर्ट ने स्पष्ट स्थिति पेश करने के निर्देश दिए

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
केंद्र सरकार द्वारा फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) के उपयोग पर रोक लगाए जाने के बाद भी प्रदेश सहित विंध्य में बिना एफआरके के कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) स्वीकार नहीं किए जाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में इस संबंध में दायर रिट याचिका 11727/2026 पर सुनवाई हुई, जिसमें राइस मिलर्स की परेशानियां सामने रखी गईं। याचिकाकर्ता मे. सत्यम राइस मिल, जैतवारा की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार ने 27 फरवरी 2026 को स्पष्ट निर्देश जारी कर एफआरके के उपयोग को बंद कर दिया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर एजेंसियां बिना एफआरके के तैयार चावल लेने से इनकार कर रही हैं। इससे मिलर्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनका कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
नियम अलग जमीन पर अलग
याचिका में कहा गया कि एक तरफ केंद्र के निर्देश लागू हैं वहीं दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर पुराने सिस्टम के तहत ही काम हो रहा है। इस विरोधाभास के चलते मिलर्स असमंजस में हैं और उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि वे केंद्र के आदेशों का पालन सुनिश्चित करें और स्पष्ट गाइडलाइन जारी करें ताकि बिना एफआरके के सीएमआर लेने में कोई बाधा न हो।
राज्य ने मांगा समय, कोर्ट ने दिए निर्देश
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉपोरेशन की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा कि वे इस मामले में आवश्यक निर्देश लेकर अगली तारीख पर कोर्ट को अवगत कराएंगे। इस पर कोर्ट ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले स्पष्ट स्थिति पेश की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब अगली सुनवाई में यह तय होगा कि जमीनी स्तर पर केंद्र के आदेशों का पालन कैसे सुनिश्चित किया जाएगा।
1.11 लाख विथ एफआरके जमा
एक ओर एफसीआई ने एफआरके मिलाकर चावल लेने की मनाही की थी लेकिन यहां तय मात्रा में यह मिलाना बंद नहीं किया। प्रदेश स्तर से जारी मिलिंग रिपोर्ट के मुताबिक अकेले सतना जिले में 1.11 लाख टन एफआरके युक्त सीएमआर जमा कर लिया गया है इसी तरह मैहर जिला में 29 हजार मीट्रिक टन जमा किया गया है। प्रदेश स्तर पर यह 9.35 लाख मीट्रिक टन एफआरके युक्त सीएमआर जमा किया जा चुका है।


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