सतना-मैहर जिले के सरकारी विभागों पर 123 करोड़ से अधिक बिजली बिल बकाया है। आम जनता पर सख्ती, लेकिन विभागों पर ढिलाई से दोहरे मापदंड उजागर हो रहे हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
आम उपभोक्ता अगर 100 रुपये का बिजली बिल भी समय पर जमा न करे तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू हो जाती है, नोटिस थमा दिया जाता है और वसूली टीम घर पहुंच जाती है, लेकिन जब बात सरकारी दफ्तरों की आती है तो नियम सिथिल हो जाते हैं। सतना-मैहर जिले के सरकारी विभागों पर मार्च 2026 तक 123 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजली बिल बकाया है, फिर भी जिम्मेदार विभागों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। यदि निजी उपभोक्ताओं के लिए कनेक्शन काटना समाधान है, तो करोड़ों के बकायादार सरकारी दफ्तरों पर कौन-सी कार्रवाई होगी? यह स्थिति सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि दोहरे मापदंडों की तस्वीर पेश करती है। एक ओर आम जनता से सख्ती, दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों को खुली छूट, यही वजह है कि शासकीय बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है।
सबसे बड़े बकायादारों की सूची में जिले की पंचायतें शीर्ष पर हैं, जिन पर अकेले 104.08 करोड़ रुपये बकाया हैं। यह आंकड़ा बताता है कि ग्रामीण प्रशासनिक ढांचा खुद भुगतान अनुशासन से कितना दूर है। इसके बाद नगर निगम पर 6 करोड़, महिला एवं बाल विकास विभाग पर 5.3 करोड़ और स्कूल शिक्षा विभाग पर 4.5 करोड़ रुपये बकाया हैं। बताया गया कि जिले के 35 शासकीय विभागों के 9651 कनेक्शनों पर 123.84 करोड़ बकाया है।
आधी राशि भी जमा नहीं
अधिकारियों का तर्क है कि सरकारी विभागों को 6 माह या सालभर में एकमुश्त भुगतान की रियायत रहती है, इसलिए बिल इकट्ठा जमा किए जाते हैं। हालांकि विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा समय - समय पर नोटिस जारी कर सरकारी दफ्तरों के अधिकारियों को ध्यानाकृष्ट कराया जाता है। नोटिस के जवाब में डायरेक्ट्रेट से फंड न मिलने का कारण दर्शाया जाता है। इस प्रकार धीरे- धीरे यह बढता बिल करोड़ रुपए पहुंच गया है। चिंताजनक पहलू यह है कि जिले में शासकीय वसूली की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। कई विभागों ने अभी तक आधी राशि भी जमा नहीं की है। ऐसे में बिजली कंपनी की वित्तीय स्थिति पर भी असर पड़ना तय है, जिसका बोझ अंतत: उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है।
कलेक्टर ने तत्काल जमा करने के निर्देश दिए
बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जिला कलेक्टर द्वारा गुरुवार को जिले के सभी शासकीय विभागों को लंबित बिजली बिल जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि जिले के 51 शासकीय विभागों द्वारा कार्यालयों में कार्यों हेतु विद्युत कनेक्शन लिया गया है लेकिन बिजली बिल भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिस कारण कई विभागों का लंबित भुगतान प्रदर्शित हो रहा है। कलेक्टर ने विभागों को तत्काल बिजली बिल जमा कर कार्यालय को सूचना देने के भी निर्देश दिए हैं।
ये हैं बड़े कर्जदार
बताया गया कि सतना- मैहर जिले की शासकीय दफ्तरों पर 123 करोड़ 84 लाख का बिजली बिल बकाया है। ग्राम पंचायतों में लगे 3 हजार 952 कनेक्शनों का 104 करोड़ 8 लाख रुपए का राजस्व बाकी है। इसके बाद महिला बाल विकास द्वारा संचालित आंगनवाड़ियों के 1054 कनेक्शनों का 5 करोड़ 3 लाख रुपए एवं स्कूल शिक्षा विभागके 2489 कनेक्शनों का 4.5 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
सतना- मैहर जिले के अन्तर्गत कई शासकीय कार्यालयों पर करोड़ों का राजस्व बाकी है, प्रतिमाह विभागों को सूचना दी जाती है जिसमें विभागों द्वारा डायरेक्ट्रेट से फंड मिलते ही जमा करने का जवाब दिया गया है। जिले के कलेक्टर द्वारा भी सभी बकायादार शासकीय विभागों को बिल जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशांत सिंह, अधीक्षण अभियंता, सतना वृत्त
किस विभाग का कितना बकाया

अदालत ने सीलिंग की प्रक्रिया में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रहवासी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए और सीलिंग या डिमोलिशन की कार्रवाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी।
दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के निर्वाचन को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। भाजपा नेता ने चुनावी शपथपत्र में 1991 के आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दो आईएएस अधिकारियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को निरस्त कर दिया है। वहीं, पन्ना कलेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में नवीकरणीय ऊर्जा कार्यशाला के दौरान बड़ा बयान दिया है। मुरैना सोलर स्टोरेज प्रोजेक्ट से 2.70 रुपए प्रति यूनिट सस्ती बिजली मिलेगी। जानिए राज्य में पावर सेक्टर की पूरी रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले। प्रदेश की हर विधानसभा में खेल परिसर, रतलाम-सिंगरौली एयरपोर्ट, 2800 मेगावाट बिजली खरीद और 25 सितंबर से शुरू होने वाली 'सुगम बस परिवहन सेवा' की पूरी जानकारी पढ़ें।
भोपाल के बैरसिया क्षेत्र स्थित तरावली गांव में पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त छापा मारकर भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब, 12 हाथ भट्ठियां और 15,000 किलो लाहन जब्त किया है।
मध्य प्रदेश में एमबीबीएस के बाद अब आयुष इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। भोपाल कलेक्ट्रेट के बाहर 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टरों ने प्रदर्शन कर न्यूनतम मानदेय पर नाराजगी जताई है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अवमानना मामले में कड़ा कदम उठाते हुए छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक (एसपी) के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री पटवारी के नाम पर न होकर शासन के नाम होगी। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दी जानकारी।
भोपाल के नीलम पार्क में नियमितीकरण की मांग को लेकर चल रहा अतिथि विद्वानों का आंदोलन 3 अक्टूबर तक स्थगित हो गया है। मांगें पूरी न होने पर 4 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी आंदोलन और राजनीतिक पार्टी बनाने की चेतावनी दी गई है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह