सतना जिला अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित पांच बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य स्तरीय जांच के बाद ब्लड बैंक प्रभारी सहित तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया, जबकि सीएमएचओ को शोकॉज नोटिस जारी हुआ है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
मासूम रगों में लापरवाही का रक्त चढ़ा कर उन्हें संक्रमित करने के मामले में तीन को दोषी माना गया है। राज्य स्तरीय दल की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर तीन को निलंबित कर दिया गया है। दूषित रक्त के लिए राज्य स्तरीय दल ने ब्लड बैंक प्रभारी और दो लैब टेक्नीशियन का निलंबित कर दिया है एवं प्रभारी सीएमएचओ को शोकॉज दिया है।
थैलेसीमिया से पीड़ित पांच बच्चों को एचआईवी ब्लड चढ़ाने के मामले में गुरुवार को सतना आई राज्य स्तरीय टीम की रिपोर्ट के बाद लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस मामले में ब्लड बैंक से जुड़े तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है जबकि वर्तमान सीएमएचओ व पूर्व के सीएस को शोकॉज जारी कर जवाब मांगा है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार ब्लड बैंक प्रभारी एवं पैथालॉजिस्ट डा. देवेन्द्र सिंह पटेल, लैब टेक्नीशियन रामभाई त्रिपाठी एवं नंदलाल पांडेय को निलंबित कर दिया गया है जबकि वर्तमान सीएमएचओ व पूर्व के सिविल सर्जन डा. मनोज शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जवाब समाधानकारक न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को नाको की टीम जांच करने जिला अस्पताल पहुंचेगी।
सात दिन में देनी थी रिपोर्ट
प्रदेश स्तरीय जांच टीम को संक्रमित ब्लड चढ़ाने में कहां गड़बड़ी हुई, कौन इसके लिए जिम्मेदार है, ब्लड चढ़ाने के दौरान जो नाम्स है उसका पालन किया गया था या नहीं। इन सब बातों की जांच कर टीम को अपनी रिपोर्ट सात दिनों के अंदर देनी थी। गौरतलब है कि आईएएस डा. योगेश भरसट की अगुवाई में आई टीम ने गुरुवार की देर रात तक ब्लड बैंक से जुड़े तमाम दस्तावेज खंगाले और इससे जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों के बयान कलमबद्ध किए। देर रात टीम लीडर ने अपनी रिपोर्ट लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सौंपी जिसके बाद दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ निलंबन व कारण बताओ नोटिस दी गई।
कहां से आया ब्लड कहां गया
राज्य स्तरीय 6 सदस्यीय टीम द्वारा गुरुवार को अलग-अलग विभागों क ी जांच की गई। गुरुवार की सुबह रीवा संभाग की क्षेत्रीय संचालक डा. सत्या अवधिया ब्लड बैंक की जांच करने पहुंची। इसके अलावा डीआई प्रियंका चौबे, डीआई संदीप जादौन, डा. रूबी खान एवं डा. सीमा नावेद द्वारा एआरटी सेंटर, एचआईवी, थैलेसीमिया एवं ब्लड बैंक की जांच की गई। देर रात तक इन अधिकारियों द्वारा सभी डोनरों के रिकार्ड खंगाले गए एवं अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। ब्लड बैंक के प्रभारी डा. देवेन्द्र पटेल से 2023 से 2025 तक के ब्लड डोनरों के रिकार्ड की सूची तलब की गई। दिनभर रिकार्डों के ट्रैसिंग और ट्रैकिंग की कार्रवाई जारी रही लेकिन नतीजा कुछ नही निकला।
थैलेसीमिया वार्ड में बच्चों से हुई पूछताछ
जानकारी के अनुसार आयुष्मान भारत के सीईओ द्वारा थैलेसीमिया वार्ड का भ्रमण किया गया। यहां पदस्थ स्टाफ से पीड़ित बच्चों को कैसे ब्लड चढ़ाया जाता है इसकी जानकारी ली गई। क्या-क्या रजिस्टर मेंटेन करते हैं सभी को चेक किया गया। इसके बाद वार्ड में पीड़ित बच्चों से जानकारी जुटाई गई। इसके अलावा आईसीटीसी सेंटर एवं एआरटी सेंटर में चल रही गतिविधियों की जांच की गई।
आज आएगी नाको की टीम
बताया गया कि राष्टÑीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) की टीम शुक्रवार को जिला अस्पताल आएगी, टीम द्वारा ब्लड सेंटर, आईसीटीसी केन्द्र, एआरटी सेंटर का भ्रमण कर जांच करेगी। टीम 19 से 22 तक जिले में रहेगी। इन सेंटरों में पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्य स्थल पर मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी स्टाफ के अवकाश भी रद्द कर दिए गए हैं।
पता लगाइए कि अस्पताल के आसपास कोई एचआईवी कैरियर तो नहीं
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार राज्य स्तरीय टीम से आई डा. रूबी खान ने अस्पताल परिसर के आसपास दुकान लगाने वाले विक्रेताओं की जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होने कहा है कि अस्पताल के आसपास तो कोई एचआईवी कैरियर तो नहीं है, इसका पता लगाइए और तत्काल सूची बनाइए। इसके अलावा अस्पताल परिसर, ब्लड बैंक विभाग, आईसीटीसी सेंटर एवं एआरटी सेंटर में पदस्थ आउटसोर्स कर्मी एवं नियमित कर्मी की भी एचआईवी जांच कराकर रिपोर्ट तत्काल पेश करें। हो सकता है कि अस्पताल परिसर के आसपास किसी एचआईवी कैरियर के द्वारा ही खून दलाली के चलते ब्लड बैंक में कोई पॉजटिव खून पहुंचा होगा।
48 घंटे में कार्यवाही का आश्वासन
मासूमों का संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में गुरूवार को युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में धरना दिया और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही समेत 10 मांगों को लेकर भूख हड़ताल किया। घंटों चले आंदोलन के बाद प्रशासन द्वारा युकांईयों की कुछ मांगों पर 48 घंटे में अमल करने और कुछ में जांच रिपोर्ट आने के बाद फैसला लेने के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त किए जाने पर सहमति बनी और भूख हड़ताल पर बैठे युवक कांग्रेस नेता शैलेश तिवारी, एनएसयूआई नेता देव पांडेय को एसडीएम राहुल सालड़िया ने जूस पिलाकर हड़ताल का समापन कराया। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष वरुण गुर्जर, शहर अध्यक्ष अंकित गुप्ता,अनशन की सफल रूपरेखा तैयार की। जबकि वरिष्ठ पार्षद रामकुमार तिवारी,नेता प्रतिपक्ष मिथलेश सिंह, पार्षद अमित अवस्थी, आशुतोष सिंह, पार्षद पकंज कुशवाहा, संजू यादव, संगठन मंत्री राजदीप सिंह, विक्रांत त्रिपाठी विक्की, प्रदेश संजय पांडेय, प्रवक्ता रितेश त्रिपाठी, मशहूद अहमद शेरू, ब्लॉक अध्यक्ष मोहन सिंह, जतिन शाह, स्वतंत्र मिश्रा, आर्यन तिवारी ने आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम सफल बनाने में प्रमुख रूप से जगदीश सेन, नरेंद्र रैकवार, सबर खिलची, सुनील गुप्ता, शिवांजल सिंह, तरुण प्रताव सहायता, रेहान खान, रानी कुशवाहा, वासु तिवारी, शान खान, अमन श्रीवास्तव, अंश त्रिपाठी, कृष्णा नामदेव, योगेश कुशवाहा, नयन जायसवाल, राज जायसवाल, अंकित गुप्ता,राजा खान, प्रवीण सिंह, रोशन, सोमेश जयसवाल एवं सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। युका कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में लापरवाही के चलते मासूम बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ हुआ है, जो अत्यंत निंदनीय है।
एसडीएम से नोकझोक & धरना- प्रदर्शन के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब युकां कार्यकर्ताओं और एसडीएम के बीच नोक- झोक भी हुई। दरअसल अस्पताल में धरना- प्रदर्शन किए जाने पर एसडीएम राहुल सिलाडिया ने आपत्ति करते हुए इसके लिए कोई और स्थान चुनने की बात कही, यहीं से कांग्रेसी भड़क गए।
स्टिंग आॅपरेशन, पकड़े गए खून के 3 दलाल
जिला अस्पताल में गुरुवार को खून की दलाली कर रहे तीन दलालों को दबोचा गया। एसडीएम सिटी राहुल सिलाड़िया ने स्टिंग आॅपरेशन कर इन दलालों को रंगे हाथ पकड़ा। एसडीएम ने अपने वाहन चालक को ग्राहक बनाया और ब्लड दलालों से बातचीत करने को कहा। एसडीएम की चालबाजी दलाल समझ नहीं पाए और एसडीएम के चंगुल में फंस गए। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को जिला अस्पताल में थैलेसीमिया पीड़ित पांच बच्चों को एचआईवी पॉजटिव रक्त चढ़ाने के मामले पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था, प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मोर्चा सम्हाल रही थी। इसी दौरान गुरुवार की दोपहर 1 बजे एसडीएम जिला अस्पताल की चौकी पहुंचे। चौकी पहुंचते ही उन्होंने ब्लड दलालों को पकड़ने की बात कही। एसडीएम के द्वारा अपने ही वाहन चालक को ग्राहक बनाया गया और उसे डमी नोट पकड़ाई गई। मौके पर मौजूद पुलिस वालों को नजर रखने के लिए कहा गया। कुछ ही देर में पुलिस टीम ने एक व्यक्ति को पकड़ा और देखते ही देखते तीन खून के दलाल चंगुल में फंस गए। पहले आरोपी की जेब से वही नोट निकले जिनके सीरियल नम्बर एसडीएम ने नोट किए थे।
4500 में तय हुआ सौदा
पकड़े हुए आरोपियों ने बताया कि जिला अस्पताल के सामने लगाए हुए फल और पान वाले ठेले में काम करने वाले लोग इस धंधे से जुड़े हुए हैं। गरीब व्यक्ति का फायदा उठाकर ये पैसा कमाते हैं, आरोपियों ने बताया कि फल वाले ने 45 सौ रुपए में ब्लड दिलाने की बात कही। 45 सौ का सौदा तय कर ग्राहक पैसे अरेंज करने की बात कहकर वहां से चला गया। कुछ देर बाद ग्राहक वापस आकर डमी नोटों को दलाल को दिया। इन डमी नोटों में 500 के सात नोट, 200 के चार नोट और 100 के दो नोट थे। नोटों के सीरियल नम्बर पहले से ही कैमरे में कैद करके दलाल के पास भेजे गए थे। एसडीएम द्वारा रिकार्डिंग कैमरा भी ग्राहक की जेब में लगाया गया था ताकि सब कुछ रिकार्ड हो सके। जैसे ही दलाल को पैसे मिले दलाल ने ग्राहक से कहा कि आप दो मिनट रुकिए डोनर आ रहा है। जैसे ही पहला ब्लड डोनर हितग्राही के पास पहुंचा पुलिस ने उसे दबोच लिया। ब्लड डोनर ने अपना नाम रजनीश साहू पिता शुभकरण साहू निवासी असरार बताया। जैसे ही पहला दलाल पकड़ा गया एसडीएम और पुलिस दोनों ही अलर्ट हो गए। एसडीएम ने दलाल से पूछा कि ब्लड अरेंज की बात तुम किससे कर रहे थे, आरोपी ने इस पर मो. कैफ निवासी कामता टोला का नाम बताया। पुलिस को सूचना मिली कि यह दलाल जिला अस्पताल के अंदर घूम रहा है, पुलिस ने उसे अस्पताल परिसर से उठा लिया और चौकी ले आई। मामला इतना चल ही रहा था कि संदेह के दायरे में जिला अस्पताल परिसर में खुली कैंटीन में काम करने वाला व्यक्ति भी चपेट में आ गया। आरोपियों की शिनाख्त पर कैंटीन में काम कर रहे अनिल गुप्ता पिता स्व. रामलाल गुप्ता निवासी टिकुरिया टोला को भी मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया और तीनों दलालों को सिटी कोतवाली भेज दिया गया। एसडीएम राहुल सिलाड़िया ने बताया कि कई दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से शिकायत मिल रही थी कि अस्पताल परिसर के आसपास कई लोग खून की दलाली कर रहे हैं, शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिटी कोतवाली टीआई रावेन्द्र द्विवेदी के साथ मिलकर प्लान बनाया गया और खून दलालों को पकड़ा गया।
इस टीम ने की थी जांच

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