सतना में युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर हाईवे जाम किया। चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों पर हंगामा बढ़ा, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
सुपर स्पेसिलिटी स्टार हॉस्पिटल और पाठक नर्सिंग होम के चिकित्सकों की कथित चिकित्सकीय लापरवाही के चलते युवक की मौत से नाराज परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने हाईवे में चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से सहायता राशि के नाम पर 50 करोड़ की मांग की। प्रदर्शन की स्थिति बिगड़ते देख तीनों थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद पाठक हॉस्पिटल के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। परिजनों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मृतक का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस ने मामला संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है और परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पथरी का इलाज करते-करते किडनी खराब
जानकारी के अनुसार पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए आॅपरेशन की सलाह दी। जनवरी में भर्ती किए मरीज का तीन माह तक इलाज चला और सुधरने की बजाय मरीज की स्थिति बिगड़ते चली गई। 4 अप्रैल को मरीज का आॅपरेशन किया गया, जो करीब पांच घंटे तक चला। इस दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। परिजनों के मुताबिक आॅपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने जब जांच और इमरजेंसी आॅपरेशन किया तो बताया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था। इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई।
आयुष्मान के नाम पर छल
सूत्रों ने बताया कि मरीज को आयुष्मान के इलाज पर नि:शुल्क इलाज का भरोसा दिलाकर मरीज के इलाज में लापरवाही की गई। मरीज को हर बार पाठक हॉस्पिटल में भर्ती कर आयुष्मान योजना में मरीज को पंजीकृत दिखा कर सरकार से पैसा भी लूटा गया, वहीं इलाज के नाम पर हर बार कई प्रकार की जांचे भी कराई गई। जानकारों ने बताया की जब मरीज की स्थिति गंभीर हो गई थी उस दौरान भी मरीज की सोनोग्राफी कराई गई, लेकिन वहां मौके पर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह मौजूद थे। निजी सोनोग्राफी सेंटर के चिकित्सकों द्वारा मरीज के परिजनों को रिपोर्ट भी नहीं दी गई। परिजन जब मरीज को लेकर पाठक अस्पताल पहुंचे तब भी मरीज की स्थिति नहीं बताई गई। मरीज की हालत गंभीर होते देख चिकित्सकों ने तत्काल रीवा ले जाने के लिए कहा लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
सीएसपी ने तीन थानों की फोर्स के साथ सम्हाला मोर्चा
युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने पाठक नर्सिंग होम के सामने शव रखकर प्रदर्शन करने के साथ ही सतना- रीवा सड़क मार्ग में जाम लगाकर चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई और मुआवजे की मांग की। जानकारी लगने पर सीएसपी देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, टीआई कोलगवां सुदीप सोनी, टीआई कोतवाली रावेन्द द्विवेदी, टीआई सिविल लाइन योगेन्द्र सिंह परिहार पुलिसफोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मृतक के परिजनों व नर्सिंग होम प्रबंधन से बातचीत शुरू की। तहसीलदार सौरभ मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। रात 11 बजे तक पुलिस और प्रशासनिक अमला मामले को सुलझाने में जुटा रहा।
चिकित्सक के डैमेज कण्ट्रोल का वीडियो वायरल
चिकित्सक के डैमेज कण्ट्रोल का भी वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है जिससे साफ है कि चिकित्सक ने अपनी गलती भी स्वीकार की है। मरीज की स्थिति गंभीर देख सुपर स्पेसिलिटी के डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने मरीज परिजनों से कहा कि गलती से एनोटॉमी के ऊपर कट लगने से मरीज की स्थिति गंभीर हो गई है। मैं कोई भगवान नहीं हूं , गलती सब से हो जाती है। मरीज के लिए हर संभव मदद की जाएगी। चिकित्सक को पहले से यह पता चल गया था कि मरीज की किडनी खराब हो रही है जिस पर उनके द्वारा परिवार के सदस्य की किडनी ट्रांसप्लांट के लिए भी कहा गया था।
मामला संज्ञान में आया है, जांच के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गठित कर जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मनोज शुक्ला, सीएमएचओ
बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन सुपर स्पेसिलिटी स्टार हॉस्पिटल के डॉ. पुष्पेंद्र सिंह एवं पाठक अस्पताल के डॉ. राजीव पाठक लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डॉक्टरों के कहने पर बेटे को भर्ती कराया गया और आॅपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई।
गिरधारीलाल रजक, मृतक के परिजन


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