सतना में 31.15 करोड़ रुपए से बना आईएसबीटी उद्घाटन के चार माह बाद ही वीरान हो गया। बस संचालन बंद होने से शहर में जाम की समस्या फिर बढ़ गई है। निर्माण गुणवत्ता और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में चल रहे निर्माण कार्य एक तो पूरे होने का नाम नहीं ले रहे यदि कोई प्रोजेक्ट पूर्ण भी हो गया तो प्रशासन उसका उपयोग नहीं कर पा रहा, कुछ यही हाल स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगभग 31.15 करोड़ रुपए की लागत से बने आईएसबीटी का है। मैहर बाईपास में बने इस बस स्टैंड का उद्घाटन दिसम्बर माह में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था लेकिन जिस उद्देश्य से इस बस स्टैंड का उद्घाटन किया गया था वह अपने उद्देश्य में खरा नहीं उतर रहा है। नए बस स्टैंड से बसों का संचालन लगभग चार माह बाद ही पूरी तरह से बंद हो गया है। यहां 15 जनवरी से सतना से रीवा जाने वाली और अमरपाटन जाने वाली बसों का संचालन शुरू किया गया था लेकिन मई आते-आते यहां से बसों का संचालन पूरी तरह से बंद हो गया है।
जाम से मुक्ति दिलाना था उद्देश्य
शहर से बाहर मैहर बाईपास में बनाए गए अत्याधुनिक बस स्टैंड का उद्देश्य शहर को जाम से मुक्ति दिलाना था लेकिन प्रशासन सभी बसों का संचालन नए बस स्टैंड से नहीं करवा पाया। धीरे-धीरे हालात यह बने कि सतना-रीवा, सीधी, शहडोल के अलावा अमरपाटन रूट में जाने वाली बसों का संचालन भी पुराने बस स्टैंड से दोबारा शुरू हो गया और शहर के अंदर एक बार फिर से जाम की स्थिति निर्मित हो रही है।
करोड़ों के प्रोजेक्ट में आराम फरमा रहे श्वान
नए बस स्टैंड से बसों का संचालन पूरी तरह से शुरू हुआ हो या न हुआ हो लेकिन श्वानों के लिए रैन बसेरा जरूर मिल गया है। नए बस स्टैंड में इन दिनों भले ही एक भी इंसान न नजर आए लेकिन श्वान आराम फरमाते जरूर नजर आएंगे।
बस ऑपरेटरों ने की थी हड़ताल
सभी बसों का संचालन नए बस स्टैंड से हो इसके लिए शुरूआती दौर में प्रशासन द्वारा बस ऑपरेटरों पर इसके लिए दबाव भी बनाया गया था लेकिन बस ऑपरेटरों ने इसके खिलाफ हड़ताल की और अंतत: प्रशासन ने सभी बसों का संचालन नए बस स्टैंड से कराए जाने के मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि आज करोड़ों का बस स्टैंड वीरान खड़ा है।
उखड़ने लगी टाइल्स, कई जगह टूटफूट
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के मैहर बाईपास में बने आईएसबीटी से बसों का संचालन हो या न हो, निर्माण कार्य किस घटिया स्तर का हुआ है इसकी पोल जरूर खुलने लगी है। हालत यह है कि उद्घाटन के पांच माह के अंदर ही यहां टूटफूट शुरू हो गई है। टाइल्स उखड़ने लगी हैं, दीवारें टूटने लगी हैं। बताया तो यहां तक जा रहा है कि आग से सुरक्षा के इंतजामों के लिए लगाए गए फायर इक्यूपमेंट भी चोरी हो गए हैं।
प्रशासनिक लापरवाही से खराब हो रही छवि
जिस बस स्टैंड का उद्घाटन सीएम ने किया था और उसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर किया गया था, वह बस स्टैंड महज चार माह में ही वीरान हो गया और वहां से बसों का संचालन पूरी तरह से बंद हो गया है। इसे प्रशासन की घोर लापरवाही मानते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष भगवती पांडेय ने कहा है कि प्रशासन की उदासीनता से सरकार की छवि खराब हो रही है और जिस प्रयोजन के लिए करोड़ों रुपए खर्च हुए वह प्रयोजन भी पूर्ण नहीं हो पा रहा। भाजपा जिलाध्यक्ष श्री पांडेय ने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द नए बस स्टैंड से बसों का संचालन शुरू कराया जाए।


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