सतना कृषि उपज मंडी में महिला हम्मालों की बढ़ती संख्या और बिना लाइसेंस काम पर सवाल उठे हैं। नियमों के उल्लंघन और लाइसेंस नवीनीकरण में अनियमितता को लेकर पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
क्या आप जानते हैं कि सतना की कृषि उपज मंडी में महिलाएं हम्माल का काम करती हैं? आप में से कई लोग कहेंगे इसमें नया क्या है। नया यह है कि यह प्रदेश की इकलौती मंडी है जिसमें महिला हम्माल काम करती हैं। बड़ी बात तो यह है कि इनमें से विशेष कृपा चार दर्जन पर थी लेकिन लचर व्यवस्था के कारण संख्या सैकड़ा पार कर गई। सवाल ये है कि इन पर मंडी मेहरबान क्यों है? जिन पर विशेष कृपा है उनके लाइसेंस क्यों नवीनीकृत हो रहे हैं? इनकी देखादेखी बिना लाइसेंसी महिला हम्माल कैसे और क्यों आ रहीं हैं? तमाम ऐसे सवाल है जिनका फिलहाल मंडी गोलमोल जवाब देती है लेकिन इसके बाद भी बिना लाइसेंस की यह ‘फौज’ बढ़ती जा रही है।
जानकारी के मुताबिक रीवा संभाग की क्लास वन मंडी सतना में महिला हम्माल भी काम कर रही हैं। इनके लाइसेंस भी बकायदा रिन्यू हो रहे हैं। यह व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही है लेकिन जिनके लाइसेंस रिन्यू हो रहे हैं उनकी उम्र हो चुकी है। इसके बाद भी धड़ल्ले से अधिनियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मसला यह है कि विशेष कृपा से 50 महिलाओं को मंडी में हम्माल का काम करने के लाइसेंस दे दिए गए थे इसके बाद से कोई नए लाइसेंस नहीं बनाए जा सके हैं लेकिन इनमें से अधिकांश की मंडी के काम करने की आयु सीमा से ऊपर हो चली है इसके बाद भी मंडी एपीएमसी नियमों को सहानुभूति के नाम पर रौंदे जा रही है। इसी चक्कर में कृपा के पचास के बहाने संख्या सौ पार कर गई है।
रिश्तेदारों को बनाया हम्माल : जिन महिला हम्मालों पर विशेष कृपा है उनके रिश्तेदार भी यहां आकर हम्माली के काम में लग चुकी हैं। इसके अलावा वह तुलावटियों को भी का काम करती हैं। जानकारी के अनुसारी बिना लाइसेंस के महिला हम्मालों की संख्या सौ पार होने का एक कारण यह भी है कि वह किसी लाइसेंस धारी महिला हम्माल की रिश्ते में बेटी, बहू, बहन आदि लगती हैं। जब कभी लाइसेंसी अनुपस्थित रहती हैं तब इनके यही रिश्ते मंडी में हम्माली करती हैं।
इनकी सूची तक चस्पा नहीं
महिला हम्मालों के मानक आयु पार करने के बाद भी लाइसेंस धड़ाधड़ रिन्यू हो रहे हैं लेकिन इनकी सूची कहीं चस्पा नहीं है। बात यह है कि तुलावटियों को मंडी बकादा चबूतरा और जींस तय कर सूची चस्पा करती है लेकिन कौन सी महिला हम्माल किसी चबूतरे में काम करेगी यह तय नहीं कर पाए हैं। इस संबंध मंडी सचिव से एक बार बात हुई लेकिन वह 1-2 मिनट बाद फोन लगाने को कह कर काट दिए। उनका फोन तय समय पर आया लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद आॅउट आॅफ रेंज रहा।
दशकों पहले मिला था लाइसेंस
किस्से कई हैं। इनमें से जो वास्तविक लगता है वह यह है कि दशकों पहले यहां की मंडी में महिलाएं बचे-खुचे अनाज को बटोरने सहित अन्य उनके लायक कामों में पुरुषों के साथ हाथ बंटाती थी। इसके बाद उन्हें हटाने के फरमान ने महिलाओं को न्याय के दरवाजे तक ले गया। जीत हुई थी मंडी ने उन्हे हम्माल का लाइसेंस दे दिया है।
समिति की बैठक में मुद्दा
महिला हम्मालों को लेकर पिछले दिनों हुई समिति की बैठक में मुद्दा उठ चुका है। भारतीय किसान यूनियन (अरा.) के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह बताते हैं कि 17 मार्च को मंडी समिति की बैठक आहुत की गई थी जिसमें यूनियन की ओर से श्री पाठक ने यह मुद्दा उठाया था। उस समय 4 मुद्दे सामने रखे थे जिसमें से महिला हम्माल का भी था। हमने मंडी सचिव से इस विषय में बात की है। वह नहीं माने तो पंचायत मंडी में ही बैठेगी।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
देश में बढ़ती महंगाई का असर अब मध्यप्रदेश में साफ दिखने लगा है। महंगाई ने आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। संकट की सीधी गाज रसोई के बजट पर गिरी है, जिससे हरी सब्जियों की आवक में भारी कमी आ गई है और उनके दाम आसमान छूने लगे हैं।
भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एसके जैन का त्यागपत्र मंजूर कर लिया गया है। इस संबंध में लोक भवन से आज यानी शुक्रवार को आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, प्रो. जैन द्वारा 18 जून को प्रस्तुत त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुख्य आतिथ्य और राज्यपाल मंगुभाई पटेल व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया।
रीवा में नीम चौराहा से स्टेडियम तिराहा सड़क निर्माण कार्य दो वर्ष की देरी के बाद शुरू हुआ है। निर्माण एजेंसी, तकनीकी मानकों और कार्य गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं।
रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शुल्क लेने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रहीं। वार्ड ब्वाय की अनुपलब्धता, दवाओं की कमी और स्ट्रेचर तक परिजनों से चलवाने जैसी व्यवस्थागत खामियां सवाल खड़े कर रही हैं।
रीवा के दीनानाथ कोल और ननकी देवी ने संतान न होने की पीड़ा को प्रेरणा बनाकर 105 एकड़ बंजर भूमि को हरियाली में बदल दिया। 35 वर्षों की मेहनत से विकसित यह वन आज पर्यावरण और वन्यजीवों का आश्रय बन चुका है।
सिंगरौली के जियावन क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण और परिवहन को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने रेत माफियाओं के बढ़ते प्रभाव, प्रशासनिक ढिलाई और राजस्व नुकसान के आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नागौद में शराब से लदी लग्जरी कार पकड़े जाने के मामले में फर्जी किरायानामा बनाकर जांच को गुमराह करने की साजिश उजागर हुई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
कोलगवां थाना क्षेत्र में डायल-112 में तैनात आरक्षक पर मवेशी लदे ट्रक से अवैध वसूली का आरोप लगा है। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक को लाइन अटैच कर जांच सीएसपी को सौंप दी।