राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने सतना मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटों को मंजूरी मिलने का निर्णय होगा।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सतना में एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की तीन सदस्यीय निरीक्षण टीम द्वारा गुरुवार को सतना मेडिकल कॉलेज तथा उससे संबद्ध जिला अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया। टीम में आंध्र प्रदेश से डॉ. प्रवीण साइकेट्री विभाग और डॉ. अमिता कुमारी प्रसूति रोग विभाग तथा महाराष्ट्र से डॉ. अनिल कुमार फार्माकॉलोजी विभाग से शामिल रहे। टीम द्वारा दस घंटे तक अनवरत निरीक्षण किया गया। सुबह आठ बजे पहुंची टीम ने सबसे पहले मेडिकल कॉलेज परिसर का निरीक्षण कर शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद जिला अस्पताल पहुंचकर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, वार्डों, बाह्य रोगी विभाग, भर्ती मरीजों की व्यवस्था, प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। गौरतलब है कि वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 150 एमबीबीएस सीटें संचालित हैं और कॉलेज प्रबंधन ने इन्हें बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव भेजा है। एनएमसी के अंतिम अनुमोदन के बाद 50 सीटें बढ़ेंगी।
चेक लिस्ट के हिसाब से हुआ निरीक्षण
मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटें बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा भवन और कक्षाओं के निरीक्षण के अलावा, कॉलेज और अस्पताल की समग्र क्षमता का मूल्यांकन किया गया। प्राध्यापकों की उपलब्धता, वरिष्ठ एवं कनिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों की संख्या, अस्पताल में बिस्तरों की क्षमता, बिस्तरों पर मरीजों की उपलब्धता, बाह्य रोगी विभाग और भर्ती मरीजों की संख्या, गहन चिकित्सा इकाई की सुविधाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, व्याख्यान कक्ष, छात्रावास तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान बायोमेट्रिक उपस्थिति के माध्यम से यह भी देखा गया कि स्वीकृत पदों के अनुसार प्राध्यापक और चिकित्सक वास्तव में कार्यरत हैं या नहीं। आयोग के मानकों के अनुसार चिकित्सा विद्यार्थियों को पर्याप्त रोगी और व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध होना आवश्यक है।
और जिला अस्पताल में पेसेंट लोड की ली जानकारी
सतना मेडिकल कॉलेज का अपना 650 बिस्तरों वाला चिकित्सालय निमाणार्धीन है। फिलहाल 400 बिस्तरों वाला जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध है। ऐसे में विद्यार्थियों के नैदानिक प्रशिक्षण और मरीजों की उपलब्धता का मुख्य आधार जिला अस्पताल ही है। यही वजह है कि निरीक्षण टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की संख्या पर विशेष ध्यान दिया। टीम द्वारा अस्पताल के सभी वार्डों का निरीक्षण कर पेसेंट लोड की जानकारी ली गई।
रिपोर्ट के आधार पर होगा अंतिम निर्णय
निरीक्षण के दौरान जुटाई गई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर टीम अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को सौंपेगी। यदि सभी मानक संतोषजनक पाए गए तो सतना मेडिकल कॉलेज में 50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों को मंजूरी मिल सकती है। इससे विंध्य क्षेत्र के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और भविष्य में चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।अब मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को आयोग की अंतिम रिपोर्ट और निर्णय का इंतजार है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर आगामी शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या 150 से बढ़कर 200 हो जाएगी।


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