सतना जिला अस्पताल की छत पर नई कैंटीन शुरू, स्टाफ और मरीजों के परिजनों को दिन-रात खाद्य सामग्री मिलेगी। एनक्वास मानकों के तहत सुविधा शुरू हुई, सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था पर भी रहेगा विशेष ध्यान।
सतना में बारिश के बाद स्क्रब टाइफस के मामले बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों में 15 मरीज पॉजिटिव मिले, जबकि जिला अस्पताल में जांच सुविधा बंद होने से संदिग्ध मरीज निजी पैथालॉजी पहुंच रहे हैं।
सतना जिला अस्पताल में 24 घंटे में तीन गर्भस्थ शिशुओं की मौत और छह माह में 14 मातृ मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा बैठक बुलाई है। उपचार, रेफरल, संसाधनों और व्यवस्थाओं की जांच होगी।
सतना जिला अस्पताल में मैहर से रेफर प्रसूता ने मृत बच्चे को जन्म दिया, इसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि अस्पताल ने जांच और पोस्टमार्टम कराया।
नागौद सिविल अस्पताल में जन्म के बाद टीका लगाए गए नवजात की करीब 15 घंटे बाद तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों ने टीके के बाद झाग निकलने का आरोप लगाया, चिकित्सकों ने इलाज से सुधार बताया।
सतना जिला अस्पताल से कंगारू मदर प्रोजेक्ट शुरू होगा। दिल्ली-भोपाल की विशेषज्ञ टीम ने मातृ-शिशु सेवाओं, प्रसव कक्ष और एसएनसीयू का निरीक्षण किया। रिकॉर्ड के आधार पर भी व्यवस्थाओं और सेवाओं की गुणवत्ता परखी जाएगी।
बारिश थमने के बाद सतना में जलजनित और संक्रामक बीमारियां बढ़ीं तो जिला अस्पताल में 1610 मरीज पहुंचे और 174 गंभीर मरीज भर्ती हुए। वार्डों में बेड कम पड़े और आईसीयू का एसी बंद रहा।
सतना जिला अस्पताल के आईसीयू में 60 वर्षीय महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। वेंटीलेटर और मॉनीटर काम नहीं करने तथा बिजली आने-जाने के आरोप लगाए गए, पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत कराया।
सतना जिला अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन, नवजात देखभाल, हृदय जांच, सोनोग्राफी, एक्स-रे और फिजियोथेरेपी सहित विभिन्न विभागों के लिए 2.64 करोड़ रुपए के उपकरण मांगे हैं, सांसद से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
सतना जिला अस्पताल की मॉड्यूलर ओटी में ऑक्सीजन लीकेज मिलने से मंगलवार के चार नियमित ऑपरेशन स्थगित करने पड़े। शिकायत के बाद अस्थायी मरम्मत हुई, लेकिन स्थायी समाधान और ओटी की सुरक्षा को लेकर सवाल कायम हैं।






















