सतना जिले में 200 से अधिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 10 से कम। सरकार मर्जर की तैयारी में, ब्लाकवार सूची तैयार। शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत उजागर।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
किताब..कॉपी..गणवेश..साइकिल..स्कूटी...ये सब सरकार विद्यार्थियों को दे रही है। इसके बाद भी विद्यार्थियों के लिए विद्यालय राह ताक कर खडेÞ हैं। इनकी सूनसान इमारत जमाने से विद्यार्थियों की क..ख..ग..घ..और ए..बी..सी..डी सुनने को तरस गई हैं।
फिलहाल फरमान तो नहीं आया लेकिन ‘ माननीय’ ने कह दिया है कि ऐसी स्कूलों का यह ‘मर्ज’ दूर करेंगे। वह तरीका भी बताया है। तरीका है ‘ मर्जर’ । इसकी खबर लगते ही अफसर एक्सरसाइज में लग गए हैं। सतना जिला में ऐसे दो सैकड़ा विद्यालय हैं जिनके विद्यार्थी आप अंगुलियों में गिन सकते हैं। यही विद्यालय है जो मर्जर की जद में हैं।
जिला के पांच ब्लाकों में एक सैकड़ा विद्यालयों की विद्यार्थी संख्या एक से दस तक है। इसमें प्राथमिक और माध्यमिक दोनो ही तरह के विद्यालय शामिल है। सर्वाधिक संख्या प्राथमिक विद्यालयों की है। जिला शिक्षा केन्द्र ने जो एक्सरसाइज की है उससे निकले आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक के 201 और माध्यमिक स्तर के 5 विद्यालय मर्जर की श्रेणी में आ रहे हैं। ब्लाक वार देखें तो सर्वाधिक 68 विद्यालय नागौद ब्लाक के हैं। इसके बाद रामपुर बाघेलान के 51, सोहावल के 42, मझगवां के 29 और उचेहरा के 22 विद्यालय है इस सूची में शामिल किए गए हैं।
क्यों शुरू हुई एक्सरसाइज
विधानसभा सत्र के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने विधायक अमर सिंह यादव के सवाल के जवाब में कहा कि उन स्कूलों को मर्ज कर दिया जाएगा जिनका नामांकन 10 से कम है। ऐसी सभी स्कूल पास के ही बडेÞ स्कूल में मर्ज होंगी। स्कूल शिक्षा मंत्री के विधानसभा सवाल के जवाब में मर्जर की बात कहे जाने के बाद स्थानीय स्तर पर विभागीयों ने पड़ताल शुरू कर दी है।
तीन सैकड़ा में 20 से कम
10 तक की संख्या वाले विद्यालयों के आगे भी जिला शिक्षा केन्द्र ने एक्सरसाइज की है जिसमें ऐसी स्कूल निकल कर आई है कि 20 तक का भी नामांकन मिला है। इस स्तर में पर तीन सैकड़ा विद्यालय है जिनका नामांकन 11 से 20 के बीच है। इस मामले में भी प्राथमिक विद्यालयों की संख्या ज्यादा है जबकि माध्यमिक दो दर्जन ही हैं। जिला शिक्षा केन्द्र के बताए गए आंकड़ों के अनुसार प्राथमिक के 348 और माध्यमिक के 25 विद्यालय मर्जर की जद में आ सकते हैं। मजेदार बात तो यह है कि प्रशासनिक नाक के नीचे के ब्लाक सोहावल में ऐसे विद्यालयों की संख्या ज्यादा है। यहां 83 विद्यालय ऐसे हैं जिनमें 11-20 विद्यार्थी संख्या है।
ऐसे विद्यालयों को पूर्व में भी चिन्हित किया जा चुका है फिलहाल ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। हालांकि नामांकन चिंता जनक है जिस पर विमर्श किया जा रहा है।
विष्णु कुमार त्रिपाठी, जिला परियोजना समन्वयक, सर्व शिक्षा अभियान


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थिति ऐतिहासिक भोजशाला आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब सीएम डॉ. मोहन यादव दोपहर 1:30 बजे मंदिर पहुंचे और मां वाग्देवी (सरस्वती) के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। पद पर रहते हुए भोजशाला पहुंचने वाले डॉ. मोहन यादव मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 26 मई को 12 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस उपलब्धि को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मध्य प्रदेश भाजपा 12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के नाम से अभियान शुरू करने जा रही है।
नईगढ़ी के पोषण पुनर्वास केंद्र में गंभीर कुपोषण और सांस की समस्या से जूझ रही तीन माह की बच्ची अलीजा का सफल उपचार किया गया। विशेष देखभाल और पोषण से उसकी सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
रीवा के पड़रा क्षेत्र में एग्रीकल्चर कॉलेज के हॉस्टल छात्रों पर राहगीरों से मारपीट, अवैध वसूली और वाहनों में तोड़फोड़ के आरोप लगे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की है।
रीवा पुलिस ने महिलाओं से मंगलसूत्र लूटने वाले दो आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से लूटा गया मंगलसूत्र और घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की गई है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में वीआरडीएल लैब और आईसीटीसी सेंटर में शीतलन व्यवस्था के अभाव से सेम्पल प्रभावित होने के आरोप हैं। इससे जांच की गुणवत्ता और मरीजों की रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।
सीधी के कसिहवा गांव में आग की घटना में तीन बच्चों की मौत के बाद शासन, प्रशासन और समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़े हुए। आर्थिक सहायता, पुनर्वास और बच्ची के भविष्य की सुरक्षा के लिए कई निर्णय लिए गए।
अनूपपुर के बिजुरी में युवती की मौत और नाबालिग साथी की आत्महत्या के बाद पुलिस जांच पर सवाल उठे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए आईजी ने चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।
सतना के बरौंधा परिक्षेत्र में 1002 गिद्ध दर्ज किए गए, लेकिन एक भी अवयस्क गिद्ध नहीं मिला। वन विभाग की गणना ने गिद्धों की घटती नई पीढ़ी और भविष्य को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है।
सतना में 2017 से चल रही सीवर परियोजना अब तक पूरी नहीं हो सकी है। बाजार क्षेत्र में महीनों से जारी खुदाई, धूल और अव्यवस्था से व्यापार प्रभावित है तथा व्यापारी जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।