सतना रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 की जबलपुर छोर की बाउंड्री वॉल बारिश में ढह गई। वर्ल्ड क्लास स्टेशन के निर्माण में गुणवत्ता की पोल खुल गई है। कोरोना काल में हुए इस विस्तार कार्य में पहले से दरारें दिख रही थीं। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।

सतना, स्टार समाचार वेब
वर्ल्ड क्लास स्टेशन की तर्ज पर सुविधाओं से लैस होने की ओर कदम बढ़ा रहे सतना जंक्शन में कमजोर व गुणवत्ताहीन कार्यों का एक लंबा सिलसिला रहा है। ऐसे क्वालिटीलेस वर्क की पोल तब खुली जब सतना स्टेशन के जबलपुर एंड की तरफ अंधेरी पुलिया के पास की बाउंड्री रिमझिम बरसात में ढह गई। इतना ही नहीं प्लेटफार्म का कुछ हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हुआ है। जानकारों के अनुसार शनिवार की रात हुई बारिश की वजह से बाउंड्री ढही है। गनीमत थी कि इस घटना के चलते किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के पहले प्लेट फार्म क्र. 1 का विस्तारीकरण किया गया था जिसके तहत प्लेट फार्म क्र. 1 को जबलपुर छोर की तरफ बढ़ाया गया था। इस कार्य के कुछ ही दिन हुए थे कि बाउंड्री में दरारें आ गई थी। हर बार निरीक्षण के दौरान जिम्मेदार अधिकारी लीपापोती कर क्रैक को छिपा ले जाते थे।
अंधेरी पुलिया पानी-पानी, नाव की दरकार
रेलवे की अधेरी पुलिया इन दिनों लबालब है। पानी भरने की वजह से दो पहिया एवं पैदल निकलने वाले लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सबसे ज्यादा हैरानी की बात यह है कि वर्षो से यह शहरवासियों के लिए पासिंग मार्ग था जिसे अब रेलवे ने स्टेशन री-डेवलपमेंट कार्य शुरू होते ही केवल पानी निकासी का मार्ग घोषित कर दिया है। पुलिया के दोनों ओर रेलवे ने चेतावनी भी लिख दी है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
रामनगर सीएचसी में ब्लड स्टोरेज सेंटर का लाइसेंस खत्म होने से मरीजों को सतना तक 70 किमी जाना पड़ रहा है। संसाधनों की कमी से सुविधा शुरू नहीं हो सकी, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी हो रही है।
सतना के उचेहरा में मजदूरी मांगने पर अधेड़ की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पहले शराब पिलाई गई और फिर पीट-पीटकर घायल किया गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई।
रीवा संभाग में गेहूं उत्पादन 4.19 लाख एमटी अनुमानित है। सतना और रीवा आगे हैं, जबकि मऊगंज और सिंगरौली पीछे। पंजीकृत किसानों में से केवल आधे ही समर्थन मूल्य पर उपज बेच पाएंगे।