पन्ना जिले के पवई ब्लॉक के ग्राम करही में स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर विद्यालय जाने को मजबूर हैं। टूटा हुआ रास्ता, बहती नहर और लबालब तालाब बच्चों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। शिक्षक हाथ पकड़कर बच्चों को पार करा रहे हैं, लेकिन प्रशासन बेखबर है। कई बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। जानिए ज़मीनी हकीकत इस रिपोर्ट में।

पवई, स्टार समाचार वेब
सरकार भले ही शिक्षा को प्राथमिकता देने और ह्यपढ़ेगा इंडिया, बढ़ेगा इंडियाह्ण का सपना दिखा रही हो, लेकिन पन्ना जिले के पवई ब्लॉक अंतर्गत ग्राम करही में जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है। यहां के बच्चे आज भी जान जोखिम में डालकर विद्यालय जाने को मजबूर हैं। ग्राम करही के शासकीय हाई स्कूल में सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करते हैं, लेकिन वर्तमान में विद्यालय जाने का रास्ता पूरी तरह तबाह हो चुका है। चारों ओर पानी का सैलाब है। एक ओर बहती नहर है और दूसरी तरफ तालाब पानी से लबालब भरा है। मुख्य रास्ता पूरी तरह टूट चुका है और पानी का तेज बहाव रास्ते को बहाकर ले जा रहा है। यह तस्वीर उस दर्दनाक हकीकत की गवाही देती है, जहां बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए बहते पानी में उतरना पड़ता है। शिक्षकों को बच्चों का हाथ पकड़कर पानी पार कराना पड़ रहा है। छात्राओं का समूह किनारे खड़ा असहाय सा दिखता है।
इस स्थिति में हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है। बच्चों ने बताया कि उन्हें विद्यालय जाने में डर लगता है, लेकिन पढ़ाई का जुनून उन्हें हर मुश्किल पार करने को मजबूर करता है। अभिभावक उन्हें मना करते हैं फिर भी वे स्कूल आ रहे हैं। वहीं शिक्षक भी बच्चों की हिम्मत बढ़ा रहे हैं, लेकिन सुरक्षित रास्ते का अभाव चिंता का विषय है। विद्यालय के शिक्षक और प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि कई बार प्रशासन को लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला है। ग्राम पंचायत का तर्क है कि शासन से कोई राशि नहीं आई है। बीते साल भी बोरी बांध से स्थिति संभाली गई थी जो इस बार बारिश में बह गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द रास्ता ठीक नहीं किया गया तो उग्र प्रदर्शन होगा। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि अगर बच्चों को स्कूल आने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़े तो फिर विकास के दावे किस काम के हैं। अब देखने वाली बात होगी कि क्या जिम्मेदार अधिकारी बच्चों की इस गंभीर समस्या पर ध्यान देंगे या फिर स्थिति ऐसे ही बदतर होती रहेगी।


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