रीवा में शारदीय नवरात्र की तैयारियाँ पूरी हो गई हैं। शहर के 500 से अधिक पंडालों में दुर्गा प्रतिमाएं सज गई हैं और माता मंदिरों को आकर्षक लाइटिंग से रोशन किया गया है। इस वर्ष नवरात्र 10 दिन तक मनाया जाएगा। रानी तालाब और अन्य मंदिरों में सुरक्षा व व्यवस्थाओं का विशेष इंतजाम किया गया है।

हाइलाइट्स
रीवा, स्टार समाचार वेब
शारदेय नवरात्र को लेकर दुर्गा उत्सव की तैयारी करीब-करीब पूरी हो चुकी हैं। शहर में 500 से अधिक पंडाल सजाये गये हैं, जहां दुर्गा प्रतिमाओं का पहुंचना शुरू हो गया है। सोमवार को शुभ मूहुर्त में घट स्थापना होगी। मां शैलपुत्री की पूजा के साथ नवरात्र आरंभ हो जायेगा। माता मंदिरों को भी विशेष लाइटिंग से सजाया गया है। चारो तरफ नवरात्र की धूम दिखाई दे रही है।
मूर्तिकारों ने दुर्गा प्रतिमाओं को अंतिम स्वरूप प्रदान कर सजा-संवार कर तैयार कर दिया है। जबलपुर, कोलकता से आये कारीगर पिछले तीन महीने से नगर के विभिन्न स्थलों पर डेरा डाले हुये हंै। यहां से शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी दुर्गा प्रतिमाओं को ले जााया जा रहा है। रविवार की शाम से ही भक्त ढोल नगाड़ो व डीजे के साथ दुर्गा प्रतिमाओं को ले जाते हुये नजर आये। देर रात तक यह सिलसिला चलता रहा। चारो तरफ केवल नवरात्रि की धूम दिखाई दे रही है। शहर के रानी तालाब काली मंदिर और समान तिराहा स्थित फूलमति माता मंदिर को आकर्षक लाइटों से सजाया गया है। यहां पर नवरात्र में मेला भरेगा।
इस बार दस दिन का होगा नवरात्र
9 साल बाद इस बार तृतीया तिथि की वृद्धि होने से माता की आराधना एक दिन ज्यादा होगी। यानी नवरात्र 10 दिन के होंगे। विजयादशमी पर्व 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 2016 में भी द्वितीया तिथि की वृद्धि होने के कारण ऐसा ही संयोग बना था। तब नवरात्र 1 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक मनाए गए थे। इस वर्ष तृतीया तिथि 2 दिन रहने से नवरात्र 10 दिन रहेंगे।
हर दिन का अलग महत्व
मां दुर्गा का आगमन हाथी की सवारी पर होगा। यह समृद्धि, संतुलन और शांति का संकेत है। प्रस्थान के समय मां नाव पर सवार होंगी, जो नए मार्ग, उत्साह और जनजीवन में उत्सव का प्रतीक है। यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूप-शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की भक्ति का है। प्रत्येक दिन का महत्व है, जो जीवन में उद्धार, शक्ति, बुद्धि आनंद और साधना की ओर ले जाता है। इस शुभ समय में कलश स्थापना करने से मां दुर्गा की कृपा और सुख-शांति का विशेष अनुभव माना गया है।
यह है शुभ मूहुर्त
शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होते हैं। इस बार प्रतिपदा तिथि 22 सितंबर की देर रात 01:23 बजे से शुरू होगी और 23 सितंबर की रात 02:55 बजे तक रहेगी। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:09 से 8:06 बजे तक रहेगा। वहीं, कलश स्थापना के लिए शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 9:11 से सुबह 10:43 तक है। इसके अलावा घटस्थापना का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:49 से दोपहर 12:38 बजे तक रहेगा।
रानी तालाब मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पुलिस अधीक्षक तथा जिला सेनानी होमगार्ड्स को मां काली मंदिर रानी तालाब मंदिर में सुरक्षा की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि मंदिर में 22 सितम्बर से आरंभ हो रही नवरात्रि में विशाल मेला आयोजित किया जाता है। यह मेला दो अक्टूबर तक जारी रहेगा। मेले में भोर से ही माता को जल चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं तथा अन्य भक्त पहुंचते हैं। मेला परिसर में वाहनों की पार्किंग और यातायात प्रबंधन के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करें। दुर्घटना से बचाव के लिए गोताखोर एवं अन्य जवान भी तैनात करें।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के खाड़ोली गांव में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां 11 साल की बच्ची पर बदमाशों ने तेजाब फेंक दिया। जिससे वह बुरी तरह झुलस गई। बच्ची को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है। पुलिस के अनुसार, हमलावर कार से गांव पहुंचे और बच्ची पर तेजाब फेंक दिया।
मध्यप्रदेश के 16 लाख बच्चों का इंतजार खत्म होने वाला है। एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं का माध्यमिक शिक्षा मंडल इस साल 15 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम जारी करने की तैयारी में है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि सभी जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और रिजल्ट पूरी तरह त्रुटिरहित जारी किया जाएगा।
मध्यप्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। देर रात विधानसभा सचिवालय की ओर से आदेश जारी किए गए, जिसके बाद दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
हनुमान जयंती 2026 के अवसर पर आज मध्य प्रदेश के भोपाल में यातायात प्रभावित रहेगा. शाम 4 बजे से ट्रैफिक पूरी तरह से प्रभावित रहेगा. मध्य प्रदेश ट्रैफिक पुलिस ने भोपाल के लिए रूट डायवर्जन प्लान जारी किया है. घर से निकलने से पहले डायवर्टेड रूट के बारे में जरूर जान लें.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण किया। सिंहस्थ-2028 के लिए क्राउड मैनेजमेंट और सुशासन को लेकर MP-UP के बीच नई रणनीति तैयार।
रीवा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस एक्सप्रेस को नियमित करने की मंजूरी मिल गई है। चार साल से एक्सटेंशन पर चल रही ट्रेन जल्द नियमित होगी, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रीवा के लोही गांव में वृद्ध महिला की बेरहमी से हत्या कर सिर काटकर ले जाया गया। पुलिस ने सर्च में सिर बरामद किया, मामले की जांच जारी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रीवा में अमहिया रोड चौड़ीकरण से पहले प्रशासन सख्त हुआ। करीब 200 दुकानें प्रभावित हैं। दुकानदारों को स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए, अन्यथा बुलडोजर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।
सिंगरौली के मुहेर गांव में नल-जल योजना विफल होने से ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जल संकट गहराने से बीमारियों का खतरा बढ़ा, प्रशासन की अनदेखी पर लोगों में भारी आक्रोश है।