चित्रकूट में पहली बारिश के दौरान गऊघाट के पास सीवर मैनहोल ओवरफ्लो हो गया। दूषित पानी मंदाकिनी नदी में पहुंचने से नदी संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
बुधवार को हुई बारिश ने दो अलग-अलग तस्वीरें सामने रखीं। एक तरफ रिमझिम फुहारों से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर चित्रकूट में पहली ही बारिश ने सीवर व्यवस्था की हकीकत उजागर कर दी। गऊघाट के पास सीवर मैनहोल ओवरफ्लो हो गया और उससे निकलने वाला गंदा पानी सीधे पवित्र मंदाकिनी नदी में जाकर मिलने लगा। धार्मिक नगरी में सामने आई इस तस्वीर से श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी है। जानकारी के मुताबिक बारिश के दौरान गऊघाट के समीप स्थित सीवर मैनहोल दबाव नहीं झेल सका। देखते ही देखते मैनहोल से गंदा पानी बाहर निकलने लगा और सड़क से होते हुए सीधे मंदाकिनी नदी में पहुंच गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए की सीवर परियोजना पहली ही बारिश में फेल साबित हुई है।
नदी संरक्षण के दावों पर सवाल
मंदाकिनी चित्रकूट की आस्था का केंद्र है। हर दिन हजारों श्रद्धालु यहां स्नान और पूजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सीवर का दूषित पानी नदी में मिलने से न केवल जल प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है, बल्कि नदी संरक्षण के दावों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। घाट के आसपास बदबू और गंदगी फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सीवर लाइन की समय-समय पर सफाई और निगरानी नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल जांच कराकर स्थायी समाधान की मांग की है।
मौसम ने दी राहत
उधर क्षेत्र में दिनभर बादलों की आवाजाही और रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज गर्मी और उमस से राहत मिली। पिंडरा, मझगवां और बिरसिंहपुर में बारिश की तस्वीरें सामने आई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बुधवार को अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर काफी अधिक रहा। सुबह सापेक्षिक आर्द्रता 57 प्रतिशत और शाम को 51 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। नमी बढ़ने और बारिश होने से वातावरण में ठंडक घुली और लोगों ने राहत महसूस की। किसानों का कहना है कि मानसून पूर्व की यह बारिश खरीफ सीजन की तैयारियों के लिए उपयोगी साबित होगी। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित और अच्छी बारिश के बाद ही खेती की गतिविधियां पूरी रफ्तार पकड़ पाएंगी।

भोपाल बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एसके जैन का त्यागपत्र मंजूर कर लिया गया है। इस संबंध में लोक भवन से आज यानी शुक्रवार को आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, प्रो. जैन द्वारा 18 जून को प्रस्तुत त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मुख्य आतिथ्य और राज्यपाल मंगुभाई पटेल व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में आज विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में राज्यस्तरीय समारोह का आयोजन किया गया।
रीवा में नीम चौराहा से स्टेडियम तिराहा सड़क निर्माण कार्य दो वर्ष की देरी के बाद शुरू हुआ है। निर्माण एजेंसी, तकनीकी मानकों और कार्य गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं।
रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में शुल्क लेने के बावजूद मरीजों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रहीं। वार्ड ब्वाय की अनुपलब्धता, दवाओं की कमी और स्ट्रेचर तक परिजनों से चलवाने जैसी व्यवस्थागत खामियां सवाल खड़े कर रही हैं।
रीवा के दीनानाथ कोल और ननकी देवी ने संतान न होने की पीड़ा को प्रेरणा बनाकर 105 एकड़ बंजर भूमि को हरियाली में बदल दिया। 35 वर्षों की मेहनत से विकसित यह वन आज पर्यावरण और वन्यजीवों का आश्रय बन चुका है।
सिंगरौली के जियावन क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण और परिवहन को लेकर शिकायतें बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने रेत माफियाओं के बढ़ते प्रभाव, प्रशासनिक ढिलाई और राजस्व नुकसान के आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
नागौद में शराब से लदी लग्जरी कार पकड़े जाने के मामले में फर्जी किरायानामा बनाकर जांच को गुमराह करने की साजिश उजागर हुई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
कोलगवां थाना क्षेत्र में डायल-112 में तैनात आरक्षक पर मवेशी लदे ट्रक से अवैध वसूली का आरोप लगा है। शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक को लाइन अटैच कर जांच सीएसपी को सौंप दी।
चित्रकूट में पहली बारिश के दौरान गऊघाट के पास सीवर मैनहोल ओवरफ्लो हो गया। दूषित पानी मंदाकिनी नदी में पहुंचने से नदी संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था और सीवर परियोजना की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह