शहडोल शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में सीवरेज निर्माण एजेंसी की लापरवाही से सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। अधूरे कार्य और निर्माण रोकने की मनमानी से आम जनता और व्यापारियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

हाइलाइट्स:
शहडोल, स्टार समाचार वेब
विराट नगरी के अत्यंत व्यस्ततम मार्ग वार्ड नं 35,वार्ड 9/12 पुरानी सब्जी मंडी मार्ग,जैन मंदिर,पुराना गांधी चौराहा,भगत सिंह तिराहा,नया गांधी चौक,बस स्टैंड,रेलवे स्टेशन रोड की सड़कों का पिछले एक वर्ष से बुरा हाल है,उक्त सड़के पूरी तरह बड़े जानलेवा गढ्ढों में तब्दील हो चुकी है। इन दिनों शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में चलना जोखिम भरा कार्य हो गया है,आॅटो,दो पहिया,कार चालक,आम आदमी इन खस्ताहाल सड़कों से निकलने से पूर्व दस बार सोचता है,मसलन वर्तमान समय में उक्त सभी सड़के चलने लायक नहीं रही,नया गांधी चौक से रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग दो किलोमीटर है।
यह भी पढ़ें: शाही विरासत सहेजने की तैयारी में उजड़ेंगी दर्जनों दुकानों की रोजी-रोटी पन्ना
पहले दी एनओसी फिर रोका सड़क निर्माण
हैरानी की बात तो यह है कि सीवरेज निर्माण एजेंसी द्वारा तीन माह पूर्व नगर पालिका से कार्य पूरा हो जाने की एनओ सी ले लिया गया था,और कहा कि हमारा सीवरेज का कार्य पूरा हो गया है, लेकिन जब नगर पालिका ने सड़क का टेंडर कर वर्क आर्डर जारी किया और ठेकेदार काम शुरू किया तो फिर सीवरेज एजेंसी ने कहा कि अभी कुछ काम शेष है। इसलिए अभी आप सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं करे,ठेकेदार के इस मनमानी रवैये से नगर के सैकड़ो व्यापारियों का व्यापार तो चौपट है, सड़कों पर कीचड़ और गड्ढे ज्यादा हो गए हैं,लोगों का निकलना मुश्किल है।
व्यापारियों का छलका दर्द
व्यापारियों का आरोप है कि सड़क के मुद्दे पर शहर के जनप्रतिनिधि तथा जिला प्रशासन पूरी तरह तमासबीन बना हुआ है,प्रशासन तथा जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एक बार इस मार्ग का अवलोकन अवश्य करे जिससे आम जनता के दर्द को जाना जा सके,और इस मार्ग की दुर्दशा अवश्य देखना चाहिए,व्यापारियों ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि यहां पर कोई भी नेता नहीं आता और नहीं हमारी समस्याओं को कोई ध्यान दे रहा है,व्यापारियों ने जिला कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपने की बात कही है।
यह भी पढ़ें: आठ घंटे वनकर्मियों को छकाती रही बेकाबू नीलगाय
गांधी चौक में गड्ढे ही गड्ढे
गांधी चौक शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका है,अन्य चौक चौराहों की अपेक्षा यहां सबसे अधिक ट्रैफिक रहता है,रेलवे स्टेशन जाने के लिए गांधी चौक से होकर ही जाना पड़ता है,इसी कारण इस चौराहे में करीब 20 घंटे ट्रैफिक रहता है, जानकारी के अनुसार सीवरेज का कार्य करने वाली निर्माण एजेंसी द्वारा बीच सड़कों में भूमिगत पाइप विस्तार,चैंबर निर्माण कर हर जगह गढ्ढे कर दिया है, जिससे पिछले एक वर्ष से शहर वासियों को काफी तकलीफ उठाना पड़ रहा है,आलम यह है कि एजेंसी द्वारा सड़कों में गढ्ढे कर छोड़ दिया गया है,उनकी रिपेयरिंग तक नहीं की गई।
हर सड़क में काम अधूरा
शहर में जहां-जहां उक्त एजेंसी द्वारा सीवरेज विस्तार कार्य किया गया है वहां का हर काम आधा अधूरा किया गया है,ठेकेदार की अपनी कोई जिम्मेदारी नहीं है, अधूरे कार्यों से चारों ओर धूल उड़ रही है। आसपास के रहवासी और व्यापारी,नागरिक काफी दिनों से समस्या का सामना कर रहे हैं,पुराना गांधी चौक के कई व्यापारियों ने कहा कि हमारी तकलीफ कोई सुनने वाला नहीं है, हम रो बस नहीं रहे हैं, लेकिन हम काफी परेशान है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश में संभावित अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जारी की विस्तृत कार्ययोजना। जानें फसल चयन, जल संरक्षण और किसानों के लिए सरकार की नई तैयारियों के बारे में।
मध्य प्रदेश में मानसून ने दी दस्तक, पूरे राज्य में तेज बारिश का दौर जारी। मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया। जानें बारिश से जुड़ी ताजा अपडेट और सुरक्षा निर्देश।
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित! जानें कब होगा मतदान, क्या है राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने का कारण और कैसे लागू हुई आचार संहिता।
मध्य प्रदेश सरकार ने BLO और बीएलओ सुपरवाइजरों का मानदेय दोगुना किया। जानें नई मानदेय राशि, प्रभावी तिथि और त्रैमासिक भुगतान की पूरी जानकारी।
राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़। मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की मांग की। जानिए क्या है पूरा मामला।
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व मिलने की चर्चाएं तेज हैं। सतना सांसद गणेश सिंह और शहडोल सांसद हिमांद्री सिंह के नाम संभावित दावेदारों में प्रमुख बताए जा रहे हैं।
सतना जिले में हल्की बारिश के बाद भी घंटों बिजली गुल रहने से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, पढ़ाई और कारोबार प्रभावित हैं, जबकि लोगों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।
सतना में मानसून की पहली तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी की तैयारियों की पोल खोल दी। कई कॉलोनियों, सड़कों और अंडरब्रिज में जलभराव हुआ, जबकि जिला अस्पताल और बस स्टैंड भी पानी से प्रभावित रहे।
सतना जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कई पद रिक्त हैं, जिससे 1500 दैनिक मरीजों की चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। दूसरी ओर संत मोतीराम स्वास्थ्य केंद्र नि:शुल्क उपचार देकर राहत पहुंचा रहा है।
मध्य प्रदेश में कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जानिए क्या है मामला, मुख्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी की सच्चाई और इसके पीछे के राजनीतिक मायने।