सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष का दायित्व मिलने पर कहा कि कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है। वे कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करेंगे ताकि चुनाव परिणाम पार्टी के पक्ष में आएं।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है, कार्यकर्ता हो या नेता सभी सिर्फ पार्टी के लिए काम करते हैं, शीर्ष नेतृत्व ने मुझे संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी है और अपने कार्यकर्ता साथियों के साथ मैं इस जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त बनाने का काम करूंगा ताकि चुनावों के समय परिणाम पार्टी के पक्ष में आ सकें।
यह बात सतना विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहीं। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण जिलाध्यक्ष की नई जिम्मेदारी मिलने पर ‘स्टार समाचार’से चर्चा के दौरान विधायक श्री कुशवाहा ने संगठन को लेकर अपनी भविष्य की कार्य योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा के साथ हुई चर्चा के कुछ अंश यहां पेश.... हैं।
स्टार समाचार : नए दायित्व को किस रूप में देखते हैं?
सिद्धार्थ : जिम्मेदारी है, मैं तो फुल टाइम जनता व पार्टी का काम कर रहा हूं। जनता की बात रखना व संगठन के बिना कोई काम कर पाना लोकतांत्रिक माहौल में संभव नहीं हैं। जो कमियां हैं उन्हें दूर कर संगठन को मजबूत किया जाएगा।
स्टार समाचार: पंचायत व वार्ड स्तर पर समितियों के गठन से कांग्रेस कितनी मजबूत होगी?
सिद्धार्थ : कांग्रेस ने जब भी कोई भी काम किया है वह जनहित व देश हित में ही किया है। पंचायत व वार्ड स्तर पर कमेटियां होंगी वो हमें समस्याएं जानने में मदद करेंगी, तभी तो हम उनके मुताबिक कुछ कर पाएंगे। हमें अपने सपनों का शहर बनाने या फिर जो जनता की आवश्यकता व समय की मांग है। उसके हिसाब से मन माफिक काम न हो और आवश्यकता अनुसार काम हो जब सब लोग मिल बैठकर बात करते हैं तभी यह निकलकर आता है कि हमें करना क्या है। आवश्यकताएं रोज बदलती हैं।
स्टार समाचार : कांग्रेस चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में क्यों नहीं कर पाती है?
सिद्धार्थ : चुनाव परिणाम के आधार पर किसी दल, संगठन व नेता की तुलना होती है, इसमें कुछ न कुछ कमी रह जाती है। उसी क ो ध्यान में रखकर संगठन ने हमें यह जिम्मेदारी दी है कि हम इसे सुधारें, दुरुस्त करें और मुकाबले के लिए तैयार रहें।
स्टार समाचार: जिला संगठन को मौजूदा समय पर कहां देखते हैं, वह कितना मजबूत व कमजोर है?
सिद्धार्थ : संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत कर कांग्रेस को मजबूत किया जाएगा। जब गोलमोल में कोई गोलकीपर खड़ा होगा तो गोल को बचाएगा अगर गोल कीपर नहीं होगा, तो कोई भी गोल करके जा सकता है। लिहाजा वही तैयारी है कि हर गोलपोस्ट (बूथ) पर हमारे लोग मुस्तैद हों अपनी आवाज, कांग्रेस की विचारधारा को जन- जन तक पहुंचाएं और जनता की लड़ाई को ताकत दें।
राहुल गांधी का निर्देश संगठन का काम संभालना है
विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा को जिला अध्यक्ष की दौड़ में शामिल न होने के बावजूद संगठन का दायित्व कैसे मिला और वे इसके लिए कैसे राजी हुए इस सवाल के जवाब में नव नियुक्त जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि वे लगातार पार्टी व जनता का काम कर ही रहे हैं। संगठन की मजबूती के लिए पार्टी के नेता राहुल गांधी ने उन्हें निर्देशित किया कि संगठन का काम करना है और यह जिम्मेदारी आपको दी जाती है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में कोर्ट ने पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. जानिए कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने क्या दलीलें दीं.
मध्यप्रदेश में सरकारी भर्ती परीक्षाओं के लिए वन टाइम फीस (OTF) लागू करने की मांग को लेकर युवा कांग्रेस 17 जून से ग्वालियर से 'रन फॉर ओटीएफ' आंदोलन शुरू करने जा रही है। जानिए क्या है राजस्थान मॉडल और क्यों उठ रही है यह मांग।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में स्वास्थ्य विभाग और सेवांकुर भारत के बीच 5 वर्षीय MOU हुआ। इसका उद्देश्य प्रदेश को सेवा-प्रधान स्वास्थ्य नेतृत्व का मॉडल राज्य बनाना और समाज के प्रति समर्पित डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करना है।
मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश के 20 जिलों की 5254 ग्राम पंचायतों में कार्यरत करीब 5000 पेसा मोबिलाइजर्स की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। जानिए क्या है इसकी वजह।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज यानी सोमवार को निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों के उन्मुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का अटल बिहारी वाजपेई सुशासन संस्थान में दीप-प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस विशेष प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पदाधिकारियों को उनके प्रशासनिक दायित्वों, वित्तीय प्रबंधन और शासन की नीतियों के प्रति मार्गदर्शन प्रदान करना था।
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।