साधु-संतों और गुरुजनों द्वारा दीपावली पर किया जाने वाला लक्ष्मी पूजन, सामान्य गृहस्थों की पूजा से भिन्न और अधिक आध्यात्मिक, साधनात्मक एवं प्रतीकात्मक होता है। उनकी पूजा का प्राथमिक उद्देश्य धन-संपत्ति की बजाय ज्ञान, आत्मिक शुद्धि और परमार्थ (जगत कल्याण) की प्राप्ति होता है।
सावन मास में शिवाभिषेक (रुद्राभिषेक) का अत्यधिक महत्व है। जानें क्यों यह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और कैसे इससे आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।














