सतना जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिजिटल एक्सरे मशीन दो साल से निष्क्रिय है। ट्रांसफार्मर न लगने से मरीजों को एक्सरे के लिए सतना शहर जाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर मदद की पेशकश की, बावजूद इसके अफसरों की लापरवाही के कारण काम अब तक अधर में है। स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग के बीच जिम्मेदारी टालने का खेल जारी है, जबकि मरीज लगातार परेशान हैं।
कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। अस्पताल परिसर में न साफ-सफाई है, न पर्याप्त पंखे, न पीने का पानी। एकमात्र हैंडपंप से गंदा पानी निकलता है और वाटर कूलर-आरओ मशीनें शोपीस बनकर खड़ी हैं। आवारा जानवरों का जमावड़ा और गंदगी से मरीज और परिजन बेहाल हैं।
सतना जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फैली गंदगी और दुर्गंध ने मरीजों के साथ डॉक्टरों को भी परेशान कर दिया है। चारों ओर अव्यवस्थाएं और आवारा कुत्तों का जमावड़ा अस्पताल के हालात को और खराब कर रहा है। बिजली, जनरेटर और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। वहीं अमरपाटन सिविल अस्पताल में झाड़फूंक जैसी घटनाएं स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।















