कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। अस्पताल परिसर में न साफ-सफाई है, न पर्याप्त पंखे, न पीने का पानी। एकमात्र हैंडपंप से गंदा पानी निकलता है और वाटर कूलर-आरओ मशीनें शोपीस बनकर खड़ी हैं। आवारा जानवरों का जमावड़ा और गंदगी से मरीज और परिजन बेहाल हैं।

हाइलाइट्स
कोठी, स्टार समाचार वेब
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों भगवान भरोसे ही चल रहा है। लापरवाह प्रबंधन के चलते चारों तरफ अव्यवस्थाओं का आलम फैला हुआ है। अस्पताल परिसर पर ना ही बेड़ों में चादर सीट है, न ही पर्याप्त पंखा, ना ही साफ-सफाई रहती है। अस्पताल परिसर पर आवारा जानवरों का कब्जा होता जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था सही तरीके से न होने की वजह से अस्पताल के अंदर कुत्ते एवं गोवंशों जमावड़ा लगा रहता है। पेयजल व्यवस्था का तो भगवान ही मालिक है। बिडम्बना तो यह है कि यहां सिर्फ एक हैंडपंप है, जिसका पानी भी पीने लायक नहीं है, और इसी हैण्डपंप के भरोसे पूरे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पेयजल व्यवस्था निर्भर है, लिहाजा ज्यादातर मरीज एवं उनके परिजन पीने के पानी के लिए बाहर के स्रोतों से काम चला रहे हैं और उन्हें बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है।
कई गांव से आते हैं मरीज
बताया गया है कि कोठी की आबादी लगभग दस हजार है, एवं सैकड़ो गांव के लोगों का आना-जाना कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होता है। प्रतिदिन यहां 200 से 300 के बीच ओपीडी भी पहुंचती है। इसके साथ-साथ 12 महीने मरीज भर्ती रहते हैं, साथ ही उनके परिजन भी अस्पताल परिसर में रहते हैं, परंतु कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जब पीने तक के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है तो फिर अन्य सुविधाओं की आप आशा कैसे करेंगे, जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोठी में वाटर कूलर एवं आरो मशीन भी लगे हुए हैं, वह सिर्फ शोपीस बनकर पानी की जगह हवा उगल रहे हैं। अस्पताल परिसर का आलम यह है कि यहां जगह-जगह गंदगी पसरी रहती है। खासकर वाटर कूलर एवं आरो मशीन के आसपास गंदगी का साम्राज्य है।
क्या कहती हैं बीएमओ
इस संबंध में कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ श्रीमती अल्का माहुले का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
यहां कोई मरीज यहां आता है तो वह और अधिक परेशान हो जाता है। मरीज के परिजन स्वयं मरीज हो जाते हैं, क्योंकि ना तो इधर सही ढंग से पंखे लगे हुए हैं ना ही पीने का पानी। एक हैंडपंप लगा हुआ है उसमें भी गंदा पानी निकलता है, जो पीने लायक है ही नहीं। अस्पताल के अंदर लगे सभी वाटर कूलर और आरो मशीन बंद पड़े हुए हैं।
संजू साहू, स्थानीय निवासी


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