सतना जिला अस्पताल में बदलते मौसम के साथ मरीजों की भीड़ बेकाबू हो गई है। वार्डों में क्षमता से अधिक मरीज भर्ती किए जा रहे हैं, जिससे व्यवस्थाएं ध्वस्त हो चुकी हैं। कई मरीजों को गद्दे और साफ चादर तक नहीं मिल पा रही। ओपीडी में रोजाना 1800–1900 मरीज पहुंच रहे हैं, जिनमें से सैकड़ों को भर्ती करना पड़ रहा है।
सतना जिला अस्पताल में वार्डों की हालत चिंताजनक है। गंदे, सड़े हुए गद्दों और बिना चादर के बेड पर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। चादर धुलाई के लिए हर माह हजारों खर्च होने के बावजूद मरीजों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। जानिए अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की पूरी रिपोर्ट।














