नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट द्वारा विश्व बैंक की सहायता से छिंदवाड़ा सीवरेज परियोजना का काम पूरा कर लिया गया है। परियोजना की लागत 237 करोड़ है, जिसमें इसके 10 वर्षों के संचालन और रखरखाव का खर्च भी शामिल है।
मध्यप्रदेश में मासूमों का काल बना कफ सिरप के केस में एक के बाद एक नए-नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अभी तक की जांच में ऊपर से लेकर नीचे तक मिलीभगत नजर आ रही है। जिसमें कुछ नाम उजागर हो चुके हैं। कुछ नामों में अभी भी पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश में 25 बच्चों की मौत के जिम्मेदार कोल्ड्रिफ कफ सीरप बनाने वाली तमिलनाडु की कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल के संचालक जी. रंगनाथन एसआईटी चेन्नई से फ्लाइट द्वारा नागपुर लेकर पहुंची। इसके बाद उसे नागपुर से छिंदवाड़ा लाया गया। टीम उसे लेकर परासिया थाने पहुंची है।
मध्य प्रदेश में कफ सिरप से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटे में तीन और मासूमों की मौत के बाद आंकड़ा 20 तक पहुंच गया है। छिंदवाड़ा में 17, पांढुर्ना में एक और बैतूल में दो बच्चों की मौत हो चुकी है। पांच बच्चे नागपुर में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा-बैतूल में 16 बच्चों की मौत के बाद जहां एक्शन में वहीं प्रभावित बच्चों के इलाज को लेकर भी कदम उठा रही है। कफ सिरप से प्रदेश के 12 बच्चे अभी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। इसमें आठ का इलाज नागपुर और चार का एम्स भोपाल में चल रहा है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा-बैतूल जिले में कफ सिरप से 16 और राजस्थान में दो बच्चों की मौत ने पूरे देश को हिला दिया है। इसी बीच श्रीसन फार्मास्यूटिकल की फैक्ट्री पर आधारित तमिलनाडु सरकार की 26 पन्नों की एक रिपोर्ट में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
मध्य प्रदेश में कफ सिरप से अब तक 12 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जांच में कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा अधिक होने की पुष्टि के बाद सरकार और प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। शनिवार देर रात पुलिस ने कफ सिरप लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया है।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बड़ा हादसा हो गया। बैतूल हाईवे के पास चित्रकूट से बालाजीपुरम (बैतूल) दर्शन के लिए आए सात साधु-संत बोलेरो वाहन (क्रमांक एमपी-19-बीबी-0614) से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक बोलेरो का पिछला टायर फट गया और वाहन अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे बने एक कुएं में समा गया।





















