सतना में कचरा जलाने से ट्रांसफार्मर में आग लगी और पास खड़ी कार जल गई। बढ़ते लोड और कमजोर बिजली व्यवस्था से लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे शहरवासियों में भारी आक्रोश है।
सतना में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि से उपभोक्ता परेशान हैं। कई गरीब परिवारों का बिल 100 रुपए से बढ़कर 4000 रुपए तक पहुंच गया है। उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग का घेराव कर जांच और सुधार की मांग की।
मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 21 जिलों में रीवा ऐसा जिला है जहां सर्वाधिक 183 ट्रांसफार्मर जल चुके हैं। वेस्ट डिवीजन और मऊगंज सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ट्रांसफार्मर न बदले जाने से गांवों में अंधेरा है और किसान बुआई के समय बिजली संकट से जूझ रहे हैं। सतना स्टोर से ट्रांसफार्मर नहीं मिलने से हर हफ्ते गाड़ियां खाली लौट रही हैं।
रीवा में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नशामुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि नशे के विरुद्ध कार्रवाई संतोषजनक है। साथ ही बिजली व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
रीवा शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मामूली हवा चलते ही बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। करोड़ों की लागत से किया गया प्री-मानसून मेंटीनेंस हवा का झोंका भी नहीं झेल पा रहा है। VIP जोन सहित कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल, उपभोक्ता परेशान।

















