सतना स्मार्ट सिटी योजना के तहत कोठी तिराहे पर करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई सब्जी मंडी अब शराबियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुकी है। चबूतरों पर सब्जियों की जगह शराब और गांजे का सेवन होता है, जबकि दुकानदार सड़कों पर दुकानें लगाने को मजबूर हैं।
सतना की ए-ग्रेड कृषि उपज मंडी अब बी-ग्रेड की ओर बढ़ रही है। लगातार घटते राजस्व, सचिव की अनुपस्थिति, और मंडी परिसर में अव्यवस्थाओं और सुरक्षा की कमी के चलते किसान और व्यापारी परेशान हैं। जानिए इस गिरावट के पीछे के मुख्य कारण और मंडी प्रशासन की लापरवाही की पूरी कहानी।














