सतना जिला अस्पताल से कंगारू मदर प्रोजेक्ट शुरू होगा। दिल्ली-भोपाल की विशेषज्ञ टीम ने मातृ-शिशु सेवाओं, प्रसव कक्ष और एसएनसीयू का निरीक्षण किया। रिकॉर्ड के आधार पर भी व्यवस्थाओं और सेवाओं की गुणवत्ता परखी जाएगी।
रीवा जिला चिकित्सालय में प्रदेश की पहली मदर न्यू बॉर्न यूनिट, आदर्श टीकाकरण केंद्र, फिजियोथैरेपी यूनिट और गर्भ संस्कार कक्ष का शुभारंभ हुआ। इससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
केंद्र की रिपोर्ट ने मध्यप्रदेश के स्वास्थ विभाग के तमाम दावों की पोल खोलकर रख दी है। आलम यह है कि राज्य में न जच्चा सुरक्षित है और न ही बच्चा। मध्यप्रदेश का मातृ और शिशु स्वास्थ्य क्षेत्र देश में सबसे पीछे है।















