मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा एयरपोर्ट पर बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सुविधा, सर्वे और विद्युत आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए।
रीवा के सोहागी क्षेत्र में भारी बारिश से बाढ़ ने तबाही मचाई। मझिगवां के ककरहा टोला में करीब 40 कच्चे मकान ढह गए। ग्रामीणों ने नुकसान, राहत की कमी और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का आरोप लगाया।
रीवा में अगस्त महीने का इतिहास हमेशा भयावह रहा है। वर्ष 1972 में 683 मिमी बारिश का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बना था। वर्ष 2016 में 677 मिमी बारिश ने करीब-करीब यह रिकॉर्ड तोड़ दिया था। क्या 2025 का अगस्त फिर लाएगा बाढ़ और तबाही? जानिए पिछले 10 वर्षों की बारिश के आंकड़े और 24 घंटे की सबसे भारी बारिश के दिन।
रीवा में राहत की सांस, पानी उतरा तो उभरे नुकसान के निशान लगातार बारिश और बाढ़ के संकट के बाद रीवा शहर में अब हालात सामान्य होने लगे हैं। नदियों का जलस्तर घटा है, लोग राहत शिविरों से लौट चुके हैं और जनजीवन पटरी पर आ रहा है। हालांकि जलभराव वाले इलाकों में अब भी कीचड़ और कचरे की सफाई जारी है। ईको पार्क, रिवर फ्रंट सहित कई मोहल्लों में हुआ भारी नुकसान। प्रशासन सर्वे और राहत कार्य में जुटा है।
















