सतना और मैहर वनमंडलों में संरक्षित नीलगाय लगातार शिकारियों के निशाने पर है। सर्दियों में घटनाएं बढ़ीं, फसल नुकसान और अवैध मांस कारोबार संभावित कारण माने जा रहे हैं, जबकि वन विभाग कार्रवाई में जुटा है।
रीवा के गुढ़ में अवैध उत्खनन मामले में 6 दिन बाद वन विभाग ने दिलीप बिल्डकॉन और कर्मचारियों पर वन अपराध दर्ज किया। पहले कार्रवाई दबाने की कोशिश हुई, लेकिन दबाव के बाद केस दर्ज हुआ।
रीवा जिले के गुढ़ क्षेत्र में जंगली हाथी भरत अपनी हथनी के साथ पहुंच गया है। मोहनिया टनल के ऊपर पहाड़ी पर दोनों का मूवमेंट बना हुआ है। वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
रीवा वनमंडल में 20 फरवरी से गिद्धों की गणना शुरू, छह रेंज चिन्हित, वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
सतना के उचेहरा वन क्षेत्र में अवैध फंदे में फंसा तेंदुआ, मुकुंदपुर जू टीम ने सफल रेस्क्यू कर बचाई जान।
रीवा में फर्नीचर फैक्ट्री पर वन विभाग की रेड और सील कार्रवाई कोर्ट में टिक नहीं पाई। अफसर मुकर गए, मामला खारिज हुआ।
सतना जिले में सीएम हेल्पलाइन के दुरुपयोग का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उचेहरा वनपरिक्षेत्र के गोबरांव गांव से अवैध पेड़ कटाई की शिकायत को गंभीर मानकर वन विभाग ने जांच दल भेजा, लेकिन मौके पर पहुंचने पर शिकायत का मकसद ही बदल गया।
सतना के कोठी–मझगवां क्षेत्र में एक नीलगाय ने 11 वनकर्मियों की रेस्क्यू टीम को पूरे 8 घंटे तक चुनौती दी। खेतों और गांवों के बीच दौड़ती नीलगाय से किसान सहमे रहे, एक किसान घायल हुआ, अंततः शाम को उसे सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा गया।
पन्ना टाइगर रिजर्व की गुमानगंज बीट में अवैध कटाई रोकने पहुंचे बीट गार्ड और सुरक्षा श्रमिक पर तस्करों ने कुल्हाड़ी और लाठी-डंडों से जानलेवा हमला किया। पुलिस ने FIR दर्ज की
रीवा वन विभाग में ठेकेदार से 10% कमीशन मांगने और पूरी रकम न देने पर बिना नोटिस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने का मामला सामने आया है। ठेकेदार के अनुसार विभाग ने बैक डेट में आदेश जारी कर अमानत राशि भी राजसात कर दी, जबकि सप्लाई जारी थी और भुगतान भी हो रहा था। RTI और शिकायतों के बाद ही नोटिस भेजा गया, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।






















