सतना जिले के परसमनिया पीएचसी में चौंकाने वाला मामला सामने आया। रिकॉर्ड में मेडिकल ऑफिसर की सिर्फ 70 दिन उपस्थिति, लेकिन 3 हजार ओपीडी और 4 हजार ब्लड टेस्ट दर्ज। मिशन डायरेक्टर ने जांच के निर्देश दिए।
सतना और मैहर जिलों में शिक्षा विभाग की ई-हाजिरी व्यवस्था सात माह बाद भी अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर पाई है। शिक्षक और प्राचार्य की उपस्थिति 80 फीसदी के आसपास ही सिमटी है, जबकि अतिथि शिक्षकों की हाजिरी बेहतर बनी हुई है।
सतना और मैहर जिले में हमारे शिक्षक एप की ई-हाजिरी व्यवस्था तकनीकी खामियों से ठप रही। एरर 402, 502 और टाइम आउट की समस्या के कारण शिक्षक, अतिथि शिक्षक और प्राचार्य हाजिरी नहीं लगा सके। नेटवर्क तलाशते शिक्षक छतों और बाउंड्री तक चढ़े, लेकिन हजारों लोग उपस्थित होकर भी अनुपस्थित दर्ज हो गए।
सतना जिला अस्पताल में शाम की ओपीडी में डॉक्टर नदारद रहे, मरीज दर्द से कराहते रहे। बरसात में बढ़ती बीमारियों के बीच लापरवाही से जनस्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
सतना और मैहर जिलों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का दूसरा चरण 5 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। वहीं नियमित शिक्षक डिजिटल हाजिरी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। अतिथि शिक्षकों को भी अब 'हमारे शिक्षक' ऐप से ई-अटेंडेंस लगानी होगी।

















