भोपाल भाजपा जिला अध्यक्ष रविन्द्र यती ने नगर जिला पदाधिकारियों की घोषणा की है। इस कार्यकारिणी में 8 उपाध्यक्ष और 2 महामंत्री सहित कई नए चेहरों को जगह मिली है।
भोपाल भाजपा ने संगठन विस्तार करते हुए नई नगर कार्यकारिणी की घोषणा की है। जिला अध्यक्ष रविंद्र यती की 37 सदस्यीय टीम में उपाध्यक्ष, महामंत्री और IT प्रभारी समेत कई अनुभवी चेहरों को जगह मिली है।
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से गौ संरक्षण और गौ संवर्धन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए भावनात्मक विषय है, और संगठन, सरकार सहमत हैं।
इंदौर बीजेपी अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने 9 महीने बाद नई टीम की घोषणा की। 33 सदस्यीय कार्यकारिणी में गुंडे युवराज उस्ताद की पत्नी को जगह, प्रदेश अध्यक्ष के नाम में गलती और गाइडलाइन उल्लंघन जैसे विवाद सामने आए। जानें पूरी सूची और प्रमुख बदलाव।
मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने गुरुवार को केंद्रीय मुख्यालय से अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी टीम की घोषणा कर दी है। इस टीम में 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री और 9 मंत्री शामिल हैं।
भोपाल में भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने स्वदेशी को जन आंदोलन बनाने, 12 लाख करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और देश के विकास पर जोर दिया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने चुनाव जीतने के लिए संगठन को मजबूत करने और कागजी काम से बचने की नसीहत दी।
भोपाल में बीजेपी युवा मोर्चा की बैठक में सीएम मोहन यादव, हेमंत खंडेलवाल और हितानंद शर्मा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। खंडेलवाल ने आचरण, सोशल मीडिया उपयोग पर जोर दिया, वहीं हितानंद ने फर्जी दस्तावेजों से पद पाने के प्रयासों पर कड़ी चेतावनी दी।
भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की टीम में विंध्य से किन नेताओं को जगह मिलेगी, इसे लेकर चर्चाएं तेज हैं। वर्तमान में विंध्य से चार नेता टीम में हैं, जबकि सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली और मैहर से कई नाम दौड़ में हैं।
मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष के रूप में विष्णुदत्त शर्मा ने कैसे 2018 की हार के बाद पार्टी को फिर से जीत के ट्रैक पर लाया? उनकी कप्तानी, रणनीति और संगठन में किए गए बदलावों पर आधारित यह विशेष रिपोर्ट, जिसमें क्रिकेट की भाषा में VD शर्मा के नेतृत्व की कहानी।
भारतीय जनता पार्टी के लिए संगठन कभी भी केवल पदों की राजनीति नहीं रहा, वह विचारधारा और अनुशासन का स्तंभ है। किंतु मध्यप्रदेश में कुछ नेताओं ने इसे सत्ता तक पहुंचने की वैकल्पिक सोड़ी समझ लिया था।






















