रीवा के मिनर्वा हॉस्पिटल में विंध्य क्षेत्र की पहली बीटिंग हार्ट फोंटन कम्प्लीशन सर्जरी सफल रही। आठ घंटे चली इस जटिल प्रक्रिया से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्ची को नया जीवन मिला।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बिहार में 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश का एलान किया है। भागलपुर के पीरपैंती में पावर प्रोजेक्ट और सारण में आई हॉस्पिटल का उद्घाटन। पढ़ें पूरी खबर।
रीवा के मिनर्वा हॉस्पिटल में जटिल सर्जरी सफल, महिला के गर्भाशय से 3 किलो गांठ निकाली गई। लंबे समय से पीड़ित महिला अब स्वस्थ, विशेषज्ञ टीम की कुशलता से मिला नया जीवन।
रतलाम के लक्कड़पीठा रोड पर स्थित हथियारों की दुकान में वेल्डिंग के दौरान हुए बारूद विस्फोट में झुलसे दुकानदार यूसुफ अली की इंदौर में मौत। जानें हादसे की पूरी वजह।
डॉ. प्रिया भावे चित्तावार ने भोपाल से आगरा की महिला की टेलीरोबोटिक हिस्टेक्टोमी सर्जरी कर इतिहास रचा। जानें इस उन्नत तकनीक के लाभ—कम समय, तेज़ रिकवरी और अत्यधिक सटीकता।
भोपाल के हमीदिया रोड स्थित स्मार्ट केयर हॉस्पिटल में एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। जानें, कैसे लापरवाही, गलत इंजेक्शन और आयुष्मान योजना में ठगी के आरोपों से घिर गया है अस्पताल प्रबंधन।
जबलपुर के अधारताल औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार सुबह Coca-Cola कर्मचारियों को ले जा रही बस और एक ट्रक में भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में करीब 35 कर्मचारी घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है।
रीवा के नेशनल हॉस्पिटल में डॉ. पूजा गंगवार और उनकी टीम ने एक 32 वर्षीय महिला की जान उस वक्त बचाई जब उसे रप्चर्ड एक्टॉपिक प्रेग्नेंसी की जानलेवा स्थिति में भर्ती किया गया। आधुनिक लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के माध्यम से सफल ऑपरेशन कर आंतरिक रक्तस्राव को रोका गया। यह उपलब्धि रीवा जैसे छोटे शहर में चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक बड़ी सफलता है। जानिए इस साइलेंट मेडिकल इमरजेंसी के लक्षण और समय पर इलाज का महत्व।
भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) की साइटोजेनेटिक लैब इंडियन बायोडोसिमीट्री नेटवर्क (IN-BioDoS) में शामिल हो गई है। यह उपलब्धि BMHRC को मध्य भारत का पहला और इकलौता संस्थान बनाती है जो रेडिएशन आपदा की स्थिति में वैज्ञानिक आकलन और सटीक इलाज में मदद करेगा। जानें कैसे काम करेगा यह महत्वपूर्ण नेटवर्क।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एचएसीएल आउटसोर्स कर्मचारी मरीजों को रसीद, रिपोर्ट और व्यवहार से कर रहे परेशान। गंभीर मरीजों को समय पर इलाज नहीं, मारपीट तक की नौबत।






















