भारत की शिक्षा व्यवस्था लंबे समय से रटने और परीक्षा पर टिकी हुई थी, लेकिन अब सीबीएसई ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो आने वाली पीढ़ी की सीखने की शैली को पूरी तरह बदल सकता है। सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि भविष्य की पढ़ाई केवल किताबों पर नहीं, बल्कि जरूरी जीवन कौशलों पर भी टिकी होगी।
शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम कदम उठाते हुए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने कक्षा 6 से 8 तक की साइंस की किताबों में आयुर्वेद से जुड़े चैप्टर्स शामिल किए हैं। यह परिवर्तन राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया है।














