राष्ट्रीय स्तर पर छात्र-शिक्षक अनुपात भले ही मानकों के अनुरूप दिखाई दे रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। मध्य प्रदेश समेत देशभर में शिक्षकों की भारी कमी और उनके असमान वितरण के कारण स्कूली शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
भारत के प्राइवेट अस्पतालों में अब सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए बच्चों का जन्म होना सामान्य बात हो गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के नए आंकड़ों के अनुसार, देश के निजी अस्पतालों में होने वाली डिलीवरी में से 54 फीसदी केस सिजेरियन के पाए गए हैं। इस मामले में कुछ राज्य बहुत आगे हैं।
मध्य प्रदेश में अब सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक बच्चे बाधा नहीं बनेंगे। इससे अधिक बच्चे होने पर भी नौकरी पाने की पात्रता रहेगी। इसके लिए सरकार शासकीय सेवा के लिए अधिकतम दो बच्चों की शर्त 25 साल बाद हटाने जा रही है।
आखिरकार कांग्रेस के श्योपुर विधायक की विधायकी फौरीतौर पर बच ही गई। सुप्रीम कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया है। लेकिन कुछ शर्तें भी लगा दी है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कांग्रेस ने राहत की सांस ली है।
राजधानी भोपाल में 10वीं के एक छात्र पर दो नाबालिग छात्रों ने पूल गेम खेलते समय चाकू और छुरी से जानलेवा हमला कर दिया। घटना 15 फरवरी की रात टीला जमालपुरा स्थित गणेश चौक के एक स्नूकर क्लब में हुई। आरोपियों ने आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में 30 सेकेंड में 27 बार चाकू और छुरी मारी।

















