मध्य प्रदेश में अब सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक बच्चे बाधा नहीं बनेंगे। इससे अधिक बच्चे होने पर भी नौकरी पाने की पात्रता रहेगी। इसके लिए सरकार शासकीय सेवा के लिए अधिकतम दो बच्चों की शर्त 25 साल बाद हटाने जा रही है।
By: Arvind Mishra
Mar 27, 202610:20 AM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश में अब सरकारी नौकरी के लिए दो से अधिक बच्चे बाधा नहीं बनेंगे। इससे अधिक बच्चे होने पर भी नौकरी पाने की पात्रता रहेगी। इसके लिए सरकार शासकीय सेवा के लिए अधिकतम दो बच्चों की शर्त 25 साल बाद हटाने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि विभाग से परामर्श के बाद नियम में संशोधन का जो प्रस्ताव तैयार किया था, उसे मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति ने हरी झंडी दे दी है। अब इसे अंतिम निर्णय के लिए अगली कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। मध्य प्रदेश में 26 जनवरी 2001 से यह प्रावधान है कि तीसरा बच्चा होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।
अभी भी कुछ प्रकरण विचाराधीन
साथ ही जो पहले से नौकरी में होंगे और निर्धारित अवधि के बाद तीसरी संतान होने पर सेवा समाप्त हो जाएगी। इसके कारण शिक्षक सहित अन्य संवर्ग के कर्मचारियों को नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा। अभी भी कुछ प्रकरण विचाराधीन है। हाल ही में स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर इससे संबंधित जानकारी जिलों से मांगी है।
एक दंपती औसतन 2.4 बच्चे पैदा रहा
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह प्रावधान तब किया था, जब प्रजनन दर अधिक थी। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी इस तरह का प्रविधान था, लेकिन उसे हटाया जा चुका है। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 में जारी सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) बुलेटिन 2023 के अनुसार, मध्य प्रदेश की सकल प्रजनन दर 2.4 है, यानी एक दंपती औसतन 2.4 बच्चे पैदा रहा है।
संघ भी उठाता रहा मुद्दा
हालांकि, शहरी क्षेत्र में यह दर 1.8 और ग्रामीण क्षेत्र की 2.6 है। राष्ट्रीय स्तर पर यह दर 1.9 है। इस देखते हुए सरकार ने भी अन्य राज्यों के प्रावधान का अध्ययन कराकर नियम में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कराया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत भी प्रजनन दर के हवाले से लगातार तीन बच्चों की बात उठा रहे हैं।
विभागों के कर्मियों को होगा लाभ
मध्य प्रदेश में स्कूल, उच्च, चिकित्सा शिक्षा सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को नए प्रावधान का लाभ होगा। वर्तमान प्रविधान के कारण कई कर्मचारी नौकरी के लिए अपात्र हो गए और उनकी सेवाएं समाप्त हो गईं। हालांकि, जिन कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें नए प्रावधान से कोई राहत नहीं मिलेगी, क्योंकि निर्णय को पुरानी तिथि से लागू नहीं किया जाएगा।