मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक वंदे मातरम् गायन के साथ आरंभ हुई। कैबिनेट में बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सीएम की अगुवाई में कैबिनेट ने किसान मप्र भूमि अर्जन पुनर्वासन अधिनियम 2015 में मल्टीपिकेशन फैक्टर के पुनर्निर्धारण का प्रावधान किया है।
मध्यप्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों और निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर एक अहम पहल की शुरुआत की है। सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए साइको-सोशल काउंसलिंग सेवाएं शुरू की हैं। इस पहल से छात्रों के बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के बाद योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के विस्तार पहले सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। नये वर्ष पर मुख्यमंत्री योगी और पीएम मोदी के बीच पहली मुलाकात करीब एक घंटे की रही।
वर्ष 2025 में ऊर्जा क्षेत्र में एमपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की है। एमपी ट्रांसको ने कैलेंडर 2025 में प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क के अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, विस्तारीकरण एवं विश्वसनीयता में महत्वपूर्ण कार्य किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने एक केस की सुनवाई करते हुए कहा-अगर कोई पति अपनी पत्नी से घर के सभी खर्चों का हिसाब रखने के लिए एक्सेल शीट बनाने को कहता है, तो इसे क्रूरता नहीं माना जा सकता और इसके आधार पर आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी द्वारा पति के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए यह बात कही।
न्यायिक भ्रष्टाचार के केस को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने गुरुवार को कहा-जजों में रिटायरमेंट की पूर्व संध्या पर बाहरी कारणों से कई आदेश पारित करने का चलन बढ़ रहा है। बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा- याचिकाकर्ता ने रिटायरमेंट से ठीक पहले छक्के मारना शुरू कर दिया। यह एक दुर्भाग्यपूर्ण चलन है। मैं इस पर और ज्यादा बात नहीं करना चाहता।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा-हालांकि लिव-इन रिलेशनशिप का कान्सेप्ट समाज में सभी को स्वीकार्य नहीं है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि ऐसा रिश्ता गैरकानूनी है अथवा शादी बिना साथ रहना अपराध है। मनुष्य के जीवन का अधिकार बहुत ऊंचे दर्जे पर है, भले ही कोई जोड़ा शादीशुदा हो या शादी की पवित्रता बिना साथ रह रहा हो।





















