मध्यप्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों और निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा।
By: Arvind Mishra
Jan 07, 20262:14 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश सरकार के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों और निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा। शासकीय विभागों द्वारा सीधे अथवा निजी एजेंसियों के माध्यम से उपयोग में लाए जाने वाले मालवाहक एवं यात्री वाहनों के सभी वैधानिक दस्तावेज अनुबंध से पूर्व और वाहन उपयोग की संपूर्ण अवधि के दौरान वैध होना अनिवार्य होगा। विभागों को भुगतान से पहले भी इन दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मोटरयान कर भी देना होगा
परिवहन विभाग ने यह भी निर्देश दिए है कि खनिज अथवा अन्य सामग्री के परिवहन के लिए जारी की जाने वाली अनुमति संबंधित वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुबंधित वाहनों द्वारा नियमानुसार मोटरयान कर का भुगतान किया गया होना चाहिए।
ई-मेल से मिल जाएगा मार्गदर्शन
सभी विभागों, निगमों एवं निकायों को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे अपने यहां अनुबंधित अथवा एजेंसियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे वाहनों के संबंध में परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ई-मेल आईडी पर पत्र प्रेषित किया जा सकता है।
दरकार...फिटनेस भी खत्म... फिर भी दौड़ रहीं बस

इधर, मप्र में 2008 में शुरू हुई निजी परिवहन सेवा पटरी पर नहीं लौट पा रही है, आए दिन हादसे हो रहे हैं। 2025 में गुना बस हादसे ने सबको हिलाकर रख दिया है। हादसे में 13 लोग जिंदा जल गए, सभी स्तब्ध रह गए। हादसे के बाद प्रदेश भर में संचालित बसों का चेकिंग अभियान भी चलाया गया। मोटर व्हीकल एक्ट का पालन किए बगैर दौड़ रहीं बसों पर कार्रवाई करने का दावा भी किया गया। लेकिन कुछ दिन बाद सब अभियान ठंडे हो गए।
किसी के टायर घिसे तो इमरजेंसी गेट नहीं लगा
भोपाल से नर्मदापुरम, बैतूल, इंदौर, ब्यावरा, गुना, धार, झाबुआ, रायसेन, सागर सहित विभिन्न शहरों के लिए चल रहीं हजारों बसों में से कई बसों के टायर घिसे हैं, किसी में साइड ग्लास नहीं है तो कई बसों में बैक लाइट फूटी है। इतना नहीं, इमरजेंसी गेट और पीछे के गेट पर अधिक सवारी बैठाने के लिए सीटें लगा ली गई हैं। इतना ही नहीं, बसों में फर्स्ट एंड बाक्स और अग्निशमन यंत्र सिर्फ नाम के लिए लगे हैं। बाक्स में दवाएं और मरहम पट्टी तक नहीं रहती हैं।