मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में सरदार सरोवर बांध परियोजना विवाद सुलझने, कर्मचारियों की पदोन्नति, हर जिले में IT पार्क और 'नमो हरित नगर योजना' सहित कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई।
मध्य प्रदेश सरकार में नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी सोमवार को अपने जति प्रमाण पत्र विवाद के केस में छानबीन समिति के सामने पेश होंगी। बैठक सुबह 11 बजे प्रस्तावित है। समिति के समक्ष रखे जाने वाले शुरुआती दस्तावेज उनके पक्ष में माने जा रहे हैं, जिससे उन्हें राहत मिलने की संभावना बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि राज्य सरकार ने शून्य प्रतिशत पर मिलने वाले कर्ज को चुकाने की अवधि को 365 दिन कर दिया है।
नीट पेपर लीक केस से दुनिया भर में हुई किरकिर और बच्चों की आत्महत्या के बाद सरकार सख्त कदम उठाने ला रही है। दरअसल, केंद्र सरकार ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला किया है।
मध्यप्रदेश सरकार छह दशक बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने जा रही है। 1961 की सेवा शर्तों में महिला अपराध में दोषी सिद्ध होने वाले व्यक्ति को सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माना गया था, लेकिन अब नैतिक पतन को इसमें शामिल किया गया है ।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।
पहला विवाह छुपाकर दूसरी शादी करने के केस में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति गजेंद्रसिंह ने दूसरी शादी और भरण-पोषण से संबंधित एक केस में फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि अंतरिम भरण-पोषण तय करते समय कोर्ट पक्षकारों के आचरण और संबंधों की वास्तविकता को ध्यान में रखती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज यानी मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। जहां मध्यप्रदेश के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें धार की भोजशाला में सरस्वती लोक बनाने पर फैसला हुआ। इसके साथ ही गोरस एप शुरू करने पर भी निर्णय लिया गया।
आज यानी सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 70 साल पुराने अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम का गहन विश्लेषण करने के बाद एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- इस कानून का मुख्य उद्देश्य न तो वेश्यावृत्ति को पूरी तरह से खत्म करना है और न ही इसे आपराधिक अपराध बनाना है।
घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त विधिक फैसला लिया है। सरकार ने गैस कंट्रोल आर्डर में बड़ा संशोधन करते हुए साफ कर दिया है कि अब देश के किसी भी एक घर में केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा।






















