मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था में एक और बड़ा बदलाव करने जा रही है। स्कूलों में पहली-दूसरी कक्षा में परीक्षा नहीं ली जाएगी। इनका आकलन अभ्यास पुस्तिका के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही गतिविधि आधारित व मौखिक मूल्यांकन होगा।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव किया है। 17 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाली 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले 17 लाख छात्रों की कॉपियां अब डिजिटल मोड में जांची जाएंगी।














