तेलंगाना हाई कोर्ट ने महिलाओं को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि किसी महिला सरकारी कर्मचारी को उसकी दूसरी प्रेग्नेंसी के लिए मातृत्व अवकाश देने से सिर्फ इसलिए इंकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसकी पहली प्रेग्नेंसी में जुड़वां बच्चे पैदा हुए थे।
भारत मातृत्व मृत्यु दर के लक्ष्य को पाने के बहुत करीब है, लेकिन प्रगति धीमी होने के कारण परिणाम में बहुत अंतर नहीं दिख रहा है। हालांकि, पिछले दो दशकों में एमएमआर में भारी गिरावट आई है। ताजा आंकड़ा दर्शाता है कि जो प्रगति पहले बहुत तेजी से हो रही थी, वह अब लगभग थम सी गई है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि पहला मातृत्व अवकाश लेने के दो वर्ष के भीतर दूसरे मातृत्व अवकाश पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। न्यायालय ने यह भी कहा कि इस विषय में वित्तीय हैंडबुक (वित्तीय नियम संग्रह) के प्रावधान मातृत्व लाभ कानून के ऊपर नहीं हो सकते हैं।















